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उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामला: फैजल फारुक की जमानत को पुलिस ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने उत्तर पूर्वी दंगा मामले में आरोपी राजधानी स्कूल के मालिक फैजल फारुक की जमानत पर मंगलवार को रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने यह रोक फारुक की जमानत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की चुनौती याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई। हाईकोर्ट ने पुलिस की याचिका पर फारुक से चार दिनों में जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई अब एक जुलाई को होगी।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जमानत मिलने के बाद फारुक को अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल वह हिरासत में है।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत की एकल पीठ के समक्ष याचिका पर दिल्ली पुलिस ने जिरह करते हुए कहा कि फारुक अभी भी हिरासत में है। दंगों में उसकी भूमिका बेहद अहम रही है उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
दिल्ली पुलिस की ओर से जब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने दलीलें पेश कीं तो कोर्ट ने राज्य की ओर से पेश होने पर सोमवार को हुए विवाद के समाधान के बारे में पूछा और जानना चाहा कि इसमें क्यों अनावश्यक विवाद हुआ था। सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता (अपराध) राहुल मेहरा के बीच बहस हो गई थी।
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कोर्ट के समक्ष फारुक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा कि पुलिस ने स्कूल मालिक को सोमवार को जमानत मिलने के बाद अन्य मामले में तत्काल गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया। इस बीच उन्होंने पुलिस की याचिका पर जवाब देने के लिए समय की मांग की। हाईकोर्ट ने उन्हें 4 दिन का समय दिया।
फैजल फारुक पर आरोप है कि फरवरी में उत्तर पूूर्वी दिल्ली में हुए दंगे में शिव विहार स्थित उनके राजधानी स्कूल से इलाके में उपद्रवियों को भड़काने और फायरिंग करने के लिए प्रयोग किया गया। उत्तर पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में दंगों में 53 लोग मारे गए और 250 से ज्यादा घायल हुए थे। इस बाबत पुलिस ने फारुक समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया था।
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जमानत मिलने के बाद फारुक को अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल वह हिरासत में है।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत की एकल पीठ के समक्ष याचिका पर दिल्ली पुलिस ने जिरह करते हुए कहा कि फारुक अभी भी हिरासत में है। दंगों में उसकी भूमिका बेहद अहम रही है उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
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दिल्ली पुलिस की ओर से जब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने दलीलें पेश कीं तो कोर्ट ने राज्य की ओर से पेश होने पर सोमवार को हुए विवाद के समाधान के बारे में पूछा और जानना चाहा कि इसमें क्यों अनावश्यक विवाद हुआ था। सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता (अपराध) राहुल मेहरा के बीच बहस हो गई थी।
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कोर्ट के समक्ष फारुक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा कि पुलिस ने स्कूल मालिक को सोमवार को जमानत मिलने के बाद अन्य मामले में तत्काल गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया। इस बीच उन्होंने पुलिस की याचिका पर जवाब देने के लिए समय की मांग की। हाईकोर्ट ने उन्हें 4 दिन का समय दिया।
फैजल फारुक पर आरोप है कि फरवरी में उत्तर पूूर्वी दिल्ली में हुए दंगे में शिव विहार स्थित उनके राजधानी स्कूल से इलाके में उपद्रवियों को भड़काने और फायरिंग करने के लिए प्रयोग किया गया। उत्तर पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में दंगों में 53 लोग मारे गए और 250 से ज्यादा घायल हुए थे। इस बाबत पुलिस ने फारुक समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया था।