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दिल्लीः तकनीक से लैस हुआ ट्रैक, 130 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
Thu, 21 Jan 2021 04:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 21 Jan 2021 04:47 AM IST
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indian railway
- फोटो : amar ujala
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दिल्ली से अलग-अलग दिशाओं में जाने वाली रेलवे की लाइनें हर दिन तकनीक के साथ कदमताल कर रही हैं। अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, रियल टाइम ट्रेन इन्फॉरर्मेशन सिस्टम से ट्रैक को ताकत मिली है। वहीं, दोहरीकरण प्रोजेक्ट व डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर से पुरानी लाइनों पर ट्रैफिक लोड भी कम हुआ है। नतीजे के तौर पर रेल गाड़ियों की रफ्तार बढ़ने जा रही है। रेल प्रशासन की योजना 130 किमी प्रति घंट की रफ्तार से ट्रेन चलाने की है।
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अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली-आगरा रूट पर नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का पायलेट प्रोजेक्ट पूरी तरह कामयाब रहा है। अब पूरे ट्रैक को इससे लैस करने का खाका तैयार कर लिया गया है। 1200 किलोमीटर ट्रैक पर जल्द ही यह सिस्टम लग जाएगा। इसी तरह रियल टाइम ट्रेन इन्फॉरमेशन सिस्टम से ट्रेनों की मैपिंग की जा रही है।
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इसके अलावा अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम का काम प्रगति पर है। दूसरी तरफ रेल ट्रैक के दोहरीकरण के काम को भी गति मिल गई है। वहीं, समर्पित मालगाड़ी गलियारे के खुल जाने से भी दिल्ली-कानपुर के बीच चलने वाली मालगाड़ी पैसेंजर ट्रैक से हट जाएंगी। इससे 40 प्रतिशत ट्रेनों की भीड़ में इस ट्रैक से कमी की वजह से रफ्तार दोगुनी होगी।
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नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम
दिल्ली-आगरा रूट पर करीब ढाई सौ किलोमीटर नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के सफल परीक्षण के बाद रेलवे ने जल्द ही 1200 किलोमीटर ट्रैक को इस सिस्टम से लैस करने का खाका तैयार कर लिया है। इस तकनीक से दुर्घटना तो रुकेगी ही ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। 2030 तक सभी ट्रैक को इस सिस्टम से लैस करने की योजना है। सबसे पहले ट्रेन की रफ्तार दिल्ली-मुंबई व दिल्ली -कोलकाता रूट पर बढ़ेगी।
रियल टाइम ट्रेन इन्फारमेशन सिस्टम
स्मार्ट रेलवे योजना के तहत रेलवे रियल टाइम ट्रेन इंफारमेशन सिस्टम से सभी ट्रेनों को लैस कर रहा है। स्मार्ट कोच के लिए स्मार्ट ओवर हेड वायर (ओएचई) बनाई जा रही है ताकि ट्रेन की गति को मॉनीटर की जा सके। ट्रेनों की लेटलतीफी का आंकलन भी इससे होगा। ट्रेन अगर लेट होती है तो वापसी दिशा में क्लोन ट्रेन चलाकर ट्रेन की लेटलतीफी दूर की जा सकेगी।
रेल ट्रैक दोहरीकरण से बढ़ेगी गति
रेलवे ने नेशनल रेल प्लान 2024 तैयार किया है। अन्य सुधार के साथ इस प्लान में ट्रैक का दोहरीकरण भी प्रमुख है। योजना के अनुसार 2024 तक बचे हुए 11500 किलोमीटर ट्रैक के दोहरीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। इससे ट्रेन की गति में क्रासिंग की बाधा नहीं होगी। जगह-जगह क्रासिंग के लिए ट्रेन को रोका नहीं जाएगा।
ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से बढ़ेगी रफ्तार
रेलवे की सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिक किया जा रहा है। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से पिछले नौ महीने में बेहतर काम किया गया है। साढ़े तीन सौ किलोमीटर रेल ट्रैक को अपग्रेड करने में उत्तर रेलवे ने कामयाबी हासिल की है। इससे पांच सेक्शन में 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन दौडने भी लगी है।
पहले चरण में 110 किमी प्रतिघंटा, दूसरे में बढ़कर 130 की रफ्तार
रेलवे सिग्नलिंग सेक्शन को उत्तर रेलवे ने पांच रेल सेक्शन में काम को पूरा कर लिया है। दिल्ली जंक्शन से साहिबाबाद, जालंधर सिटी से फरोरोजपुर 117 किलोमीटर, धुरी-लुधियाना रेल सेक्शन के बीच करीब 62 किलोमीटर, लुधियाना-फिरोजपुर रेल सेक्शन में 124 किलोमीटर रेल ट्रैक को बेहतर पहले चरण में करके 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए तैयार कर लिया गया है।
मालगाड़ी ट्रैक से हटने पर भी बढ़ेगी पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार
जिस तरह से समर्पित मालगाड़ी गलियारा पर मालगाड़ी शिफ्ट हो रही है, इससे पैसेंजर ट्रेन की गति भी बढजाएगी। दिल्ली-कानपुर के बीच रेलवे ट्रैक से करीब 40 प्रतिशत ट्रेन कम हो जाएंगी। इसका फायदा ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने में मिलेगा ही साथ ही ट्रेनो की संख्या भी बढ़ जाएगी।
कोरोना महामारी आपदा को रेलवे ने अवसर के रूप में लिया। ट्रेन के पहिए जरूर थमे लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया। आधुनिक सिग्नलिंग, ट्रैक मेंटेनेंस, ट्रेक दोहरीकरण के साथ ही कई रूके हुए काम को पूरा किया गया। उत्तर रेलवे ने अपने पांच सेक्शन में ट्रेन की रफ्तार 110 किमी प्रतिघंटा करने में कामयाबी हासिल की है। जल्द ही दिल्ली-मुंबई व दिल्ली-कोलकाता रूट पर 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चलेगी
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार