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जेल नंबर तीन : तिहाड़ का फांसी घर फिर चर्चा में, अधीक्षक ने बनाया 'सैरगाह'
Sat, 04 Sep 2021 05:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 04 Sep 2021 05:02 AM IST
सार
- जेल अधीक्षक पर परिचितों को घुमाने का आरोप, फोटो भी खिंचवाए
- प्रशासन ने अपने स्तर पर शुरू की जांच, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं
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Tihar jail
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विस्तार
निर्भया मामले में दोषियों को फांसी देने के बाद एक बार फिर तिहाड़ जेल नंबर तीन का फांसी घर चर्चा में आ गया है। इस बार विवाद है कि जेल अधीक्षक ने नियम विरुद्ध अपने परिचितों को फांसी घर में घुमाया। इस दौरान उनके परिचितों ने फांसी घर में फोटो भी खिंचवाए। मामले का खुलासा होने के बाद जेल प्रशासन खामोश है। सूत्रों का कहना है कि जेल निदेशक मामले की जांच करा रहे हैं। अभी तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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जेल के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जन्माष्टमी के दिन जेल नंबर तीन के जेल अधीक्षक राजेश चौधरी से उनके कुछ परिचित मिलने आए थे, जिन्हें अधीक्षक फांसी घर ले गए। वहां का दरवाजा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर ही किसी विशेष परिस्थिति में खुलवाया जाता है, लेकिन बताया जा रहा है कि परिचितों के लिए जेल अधीक्षक ने फांसी घर का दरवाजा खुलवाया। काफी देर तक वह इधर-उधर फोटो खींचते भी नजर आए।
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इसके बाद परिचितों को हाई सिक्योरिटी सेल दिखाया गया, जिसमें संसद हमले के आरोपी अफजल को रखा गया था। करीब एक घंटा घूमने के बाद उनके परिचित जेल अधीक्षक के कार्यालय पहुंचे। वहां कुछ देर रहने के बाद जेल परिसर से बाहर निकल गए। इस पूरे मामले में जेल की सुरक्षा पर कई सवाल उठ रहे हैं। मामले की सच्चाई जानने के लिए जेल प्रशासन सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने में जुटा है।
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हाल में ही जेल नंबर तीन में हुई थी हत्या
जेल नंबर तीन में कुछ दिन पहले अंकित गुर्जर नाम के कैदी की हत्या हुई थी। इस मामले में जेल के उपाधीक्षक व अन्य जेल कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद जेल नंबर तीन सहित बड़ी संख्या में जेल अधिकारियों का तबादला किया गया था। फिलहाल, जेल नंबर तीन में आए नए जेल अधीक्षक को जेल में आए कुछ ही दिन हुए हैं।
इन सवालों के देने होंगे जवाब
- आने वाले परिचितों का जेल परिसर में जाने के दौरान आगंतुक पुस्तिका में नाम दर्ज हुआ था या नहीं?
- परिचित अपने साथ कैमरा या मोबाइल फोन जेल परिसर में कैसे लेकर पहुंचे? क्या तलाशी नहीं ली गई।
- किसी को फांसी देने या फिर मरम्मत के लिए ही फांसी घर का दरवाजा खोला जाता है। ऐसे में इस सुरक्षित जगह का दरवाजा कैसे खोला गया?
- फांसी घर के दरवाजे पर लगे ताले की चाबी उपाधीक्षक के पास होती है, क्या इसमें उपाधीक्षक की सहमति ली गई?