भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बैठक में हंगामा
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बैठक शुक्रवार को हंगामेदार रही। विपक्ष के नेताओं ने निगम कर्मचारी चेतराम मीणा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा उन्हें सेवानिवृत्त करने की मांग की। इस कड़ी में नियमों की अवहेलना करते हुए विपक्ष नेता मनोज त्यागी ने समिति की बैठक में पहुंच विरोध जताया। अनुशासनहीनता को देखते हुए महापौर ने विपक्ष के नेता को नोटिस जारी किया है।
स्थायी समिति की बैठक नेता सदन प्रवेश शर्मा ने शुरू की। इस बीच विपक्ष की ओर से गीता रावत ने कहा कि चेतराम मीणा पर भ्रष्टाचार का आरोप है। उन्हें पहले जिस विभाग से हटाया गया है, उसी विभाग में अब दोबारा उन्हें भेज दिया गया है। रावत ने वेल में पहुंचकर इस फैसले का विरोध जताया और नवनियुक्त आयुक्त विकास आनंद से जवाब देने की मांग की। इस पर निगमायुक्त विकास आनंद ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और उचित फैसला लिया जाएगा।
इसके बाद पार्षद गरीमा गुप्ता के व्यक्तव्य के दौरान नेता विपक्ष मनोज त्यागी हाथ में पर्चा लेकर बिना अनुमति के बैठक में पहुंच गए। इस घटना को अनुशासनहीनता करार देते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष सत्यपाल सिंह बिफर गए और मार्शल की मदद से विपक्ष नेता को बाहर करने का आदेश दिया। इस दौरान काफी देर तक बैठक में गहमागहमी का माहौल रहा जिसके बाद प्रस्तावों को पास कर बैठक स्थगित कर दी गई।
केयरटेकर को किया निलंबित
स्थायी समिति की बैठक में अनुशासनहीनता को लेकर बिफरे समिति अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने केयरटेकर को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। सिंह का कहना है कि बैठक में सदन के नेता का प्रवेश नहीं होता है। इसके बाद भी उन्होंने प्रवेश किया और बिना अनुमति के हंगामा कर अनुशासनहीनता की है। इसमें केयरटेकर की भी लापरवाही है जो उस समय बैठक में मौजूद नहीं थे। इसे देखते हुए निगमायुक्त को केयरटेकर को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
स्थायी समिति की बैठक में मिली मंजूरी
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की तर्ज पर उत्तरी निगम के पार्कों में भी अब सुबह की सैर की साथ दूध और ब्रेड खरीदे जा सकेंगे। इस संबंध में तैयार नीति को उत्तरी निगम ने शुक्रवार को आयोजित स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी दे दी है। अब इसे सदन की बैठक में अंतिम मंजूरी देना बाकी रह गया है।
नीति के मुताबकि, निगमों के पार्कों में कियोस्क तैयार कर किए पांच वर्ष के लिए एजेंसी को सौंपा जाएगा। कियोस्क का संचालन करने वाली एजेंसी पार्क की देखभाली की जिम्मेदारी संभालेगी। इससे पार्क पर निगम का रखरखाव के लिए खर्च होने वाली राशि की भी बचत होगी। दरअसल, इस प्रस्ताव को पहले भी निगम की बैठक में लाया गया था, लेकिन किन्ही कारणों की वजह से प्रस्ताव को लौटा दिया गया था। अब इस प्रस्ताव को स्थायी समिति ने हरी झंडी दिखा दी है।
ससे उत्तरी निगम के इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने घर के पास स्थित पार्कों में अंडे, दूध, ब्रेड व अन्य खाद्य सामाग्री सुबह की सैर की साथ मिल सकेंगे। गौरतलब है कि दक्षिणी निगम इस नीति को अपने क्षेत्र में पहले ही पास कर चुका है। इसी तरह का मॉडल गुजरात राज्य में भी अपनाया गया है जहां पार्कों की देखभाल एक निजी कंपनी कियोस्क के बदले में करती है।