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दिल्ली और यूपी पुलिस का दावाः गोली नहीं, ट्रैक्टर पलटने से हुई थी नवरीत की मौत
Sat, 27 Feb 2021 04:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 27 Feb 2021 04:38 AM IST
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दिल्ली की ट्रैक्टर रैली में मृतक किसान नवरीत
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली व यूपी पुलिस ने इस आरोप को गलत बताया है कि गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान आईटीओ पर 25 वर्षीय किसान नवरीत की मौत गोली लगने से हुई थी। पुलिस ने कहा कि नवरीत की मौत ट्रैक्टर पलटने से हुई थी।
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न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के समक्ष पेश जवाब में पुलिस ने कहा कि जिला रामपुर अस्पताल से प्राप्त पोस्टमार्टम व एक्सरे रिपोर्ट में स्पष्ट है कि नवरीत के शव पर किसी भी प्रकार से गोली के निशान नहीं पाए गए।
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दिल्ली पुलिस की और से पेश अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नवरीत की मौत सिर में चोट लगने से हुई है। संभवत: यह चोट दुर्घटना या सड़क दुर्घटना में हो सकती है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित इलाके से एकत्रित की गई सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि वह काफी तेज गति से ट्रैक्टर चला रहा था और बेरीकेट से टकराने के बाद ट्रैक्टर पलट गया था।
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उन्होंने कहा फुटेज से स्पष्ट है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर से बचने के लिए वहां से भाग रहे है और किसी ने भी गोली नहीं चलाई। इतना ही नहीं सीसीटीवी फुटेज से यह भी संकेत मिलता है कि प्रदर्शनकारी घायल नवरीत सिंह को पास के किसी भी अस्पताल में नहीं ले गए और इसके बजाय उन्होंने दुर्घटना के बारे में सुनने के बाद घटना स्थल पर पहुंचने वाली एंबुलेंस पर हमला कर दिया।
उन्होंने कहा प्रदर्शनकारियों ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय उसके शव को पांच घंटे तक सड़क पर रखा और फिर अफवाह फैला दी कि पुलिस फायरिंग में उसकी मौत हुई है।
यूपी पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता ने इस मौत के संबंध में कोई भी प्राथमिकी दर्ज नहीं करवाई। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पोस्टमार्टम या मूल एक्स-रे प्लेटों की वीडियोग्राफी देने का कोई प्रावधान नहीं है, यह कानूनी दस्तावेज है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 4 मार्च तय की है।
क्या है मामला.
मृतक नवरीत सिंह के दादा हरदीप सिंह ने दायर याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस उनके पोते की मौत ट्रैक्टर पलटने से बता रही है लेकिन चश्मदीद व साक्ष्यों से ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गोली चलाई थी जो उसके सिर में लगी जिसके कारण नवरीत ट्रैक्टर पर से नियंत्रण नहीं रख पाया और ट्रैक्टर पलट गया। हरदीप सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि अपने पोते की मौत की सही और निष्पक्ष जांच एवं न्याय पाने के साथ सच्चाई जानने का उन्हें अधिकार है।