फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi news:  covid patients will be treated in NSUT from today

विश्वविद्यालय समाचार : एनएसयूटी में कोविड मरीजों का इलाज आज से, अच्छे दिन की आस 

Fri, 14 May 2021 05:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 14 May 2021 05:38 AM IST
सार

  • द्वारका कैंपस में दो हॉस्टलों को अगले छह महीनों के लिए कोविड केयर सेंटर में तब्दील किया, जांच, दवा से लेकर खाने का भी इंतजाम 
  • सौ अलग-अलग कमरों में सौ ऑक्सीजन बेड, पूर्व छात्रों ने दी आर्थिक मदद, इस्कॉन और एएनओएन ग्लोबल फांउंडेशन कर रहा मदद

विज्ञापन
Delhi news:  covid patients will be treated in NSUT from today
demo pic... - फोटो : istock

विस्तार

राजधानी दिल्ली में बढ़ते संक्रमण के चलते नेताजी सुभाष तकनीकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी ) इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ कोरोना संक्रमित मरीजों की मदद के लिए आगे आया है। द्वारका स्थित एनएसयूटी कैंपस में विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस्कॉन  और एएनओएन ग्लोबल फाउंडेशन के सहयोग से विशेष कोविड केयर सेंटर बनाया है। इसे तैयार करने में पूर्व छात्रों ने भी आर्थिक सहयोग दिया है। दो हॉस्टल को आगामी छह महीनों के लिए कोविड केयर सेंटर में रूप में सेटअप किया है, जोकि शुक्रवार से शुरू हो जाएगा।  

विज्ञापन


इस कोविड केयर सेंटर में 100 ऑक्सीजन बेड और 20 क्रिटिकल केयर बेड (आईसीयू) होंगे।  यहां कोरोना संक्रमितों को इलाज के अलावा जांच, दवा के अलावा खाने का प्रबंध भी किया जा रहा है। इसके लिए मेडिकल टीम और स्पोर्ट स्टॉफ भी तैनात की गई है। खास बात यह है कि 100 ऑक्सीजन  वाले बेड सिंगल रूम ( 100 अलग-अलग कमरों में) में बनाए गए हैं। 
विज्ञापन


कस्टमर केयर पर मिलेगी जानकारी
कोविड-केयर सेंटर में संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए आम लोगों के आने पर रोक रहती है। कोरोना मरीजों की सेहत को लेकर परिजन परेशान होकर भटकते रहते हैं।  परिजनों की इसी समस्या का समाधान और बेड की उपलब्धता और दवा आदि की जानकारी के लिए कस्टमर केयर भी स्थापित किया गया है। यहां पर फोन करके सभी प्रकार की दिक्कतों का समाधान मिलेगा। यहां मेडिकल डायरेक्टर से लेकर चीफ फिजिशियन, फिजिशियन,आरएमओ, नर्स, वार्ड ब्यॉय, हाउस कीपिंग,इंजीनियर, बॉयोमेडिकल स्टाफ,मैनेजर ऑपरेशन, मैनेजर एचआर,अकाउंट, स्पोर्ट,मैनेजर नर्सिंग और मैनेजर सप्लाई चैन भी होगा। यानी ऑक्सीजन, दवा से लेकर हर चीज की जिम्मेदारी अलग-अलग तय होगी। इसमें काम में कोताही होने पर कोई बहाना नहीं चलेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जनकपुरी सुपर स्पेशलियिटी हॉस्पिटल से जुड़ेगा कोविड सेंटर: 
तकनीकी विश्वविद्यालय कैंपस में कोरोना मरीजों का इलाज जनकपुरी सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञों की देखरेख में होगा। दरअसल एनएसयूटी कोविड सेंटर इसी अस्पताल से जुड़ा रहेगा। एंबुलेंस से लेकर कोविड केयर सेंटर से निकलने वाले बॉयोमेडिकल वेस्ट को नष्ट करने की जिम्मेदारी भी अस्पताल की रहेगी। जबकि बिजली, पानी, हाउसकीपिंग और संक्रमण से बचाव व फैलाव को रोकने आदि के लिए कैमिकल आधारित सफाई एनएसयूटी करेगा। यहां पर ऑक्सीजन मशीन(एचएनएफसी ), ऑक्सीजन सिलेंडर, बीआईपीएपी, आईसीयू मॉनिटर भी उपलब्ध होंगे। 

छात्र, शिक्षक, उनके परिवार समेत आम लोगों को मिलेगी सुविधा: 
विश्ववविद्यालय कैंपस स्थित दो हॉस्टल को कोविड केयर सेंटर में तब्दील किया जाएगा। अभी तक अन्य कोविड केयर सेंटर में जो दिक्कत आती थीं, उन्हें यहां दूर करने की कोशिश की गई है। 25 बेड 14 मई को तैयार हो जाएंगे। जबकि अन्य पर 31 मई तक सुविधा शुरू हो जाएगी। 
प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एनएसयूटी।

जामिया कुलपति ने लिखा खुला पत्र, कहा 20 से अधिक शिक्षकों व कर्मियों के जाने का दुख, अच्छे दिन लौटेंगे 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने छात्रों, शिक्षकों, कर्मियों समेत जामिया समुदाय को ईद-उल-फितर की बधाई दी है। कुलपति प्रो. अख्तर ने बृहस्पतिवार को जामिया समुदाय के नाम खुला पत्र लिखा है। इसमें कोरोना के चलते पिछले दिनों 20 से अधिक शिक्षक और कर्मियों की मृत्यु पर शोक भी जताया है। साथ ही कुलपति ने सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना भी की है। उनका मानना है कि कोरोना महामारी का यह दौर भी निकल जाएगा। हमें अच्छे दिनों की उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। 

कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने कहा कि पवित्र रमजान के महीने की इबादत के बाद ईद-उल -फितर आ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के चलते कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। जामिया कैंपस में भी 20 से अधिक शिक्षक और कर्मी कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर यूं अचानक चले गए। उनके जाने का जामिया समुदाय को बेहद दुख है। विपदा के इस मुश्किल वक्त में हम उन परिवारों के साथ है। किसी सदस्य की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदारियों के लिए  सहयोग करना हम सबका फर्ज है। 

जामिया समुदाय इन परिवारों का पूरा सहयोग देगा। इसके लिए विभागों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि उनकी पेंशन आदि समय से शुरू हो सके। इसके अलावा जामिया समुदाय के परिवारों में भी महामारी ने दुखों का कहर बरपाया हैं। इस मुश्किल वक्त में हम सबको ऊपर वाले पर भरोसा रखना चाहिए। एक उम्मीद है कि यह महामारी का मुश्किल समय निकल जाएगा। तअच्छे दिन फिर लौटकर आएंगे। जिसमें सभी लोग मिलकर ईद की खुशियां मनाएंगे। एक साल से बंद कैंपस भी दोबारा खुलेगा और सभी मिलकर आगे बढ़ेंगे। 

आरटीपीसीआर से जांच में तेजी: कैंपस में समय-समय पर आरटीपीसीआर जांच शिविर लगाया जा रहा है, ताकि जामिया समुदाय समेत उनके परिजन जांच करवाते रहें। समय पर जांच और इलाज से कोरोना को हराया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed