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दिल्ली में कोरोना : चिताओं की नहीं बुझ रही आग, लोग खौफजदा, श्मशान घाटों पर लंबी कतारें

Thu, 29 Apr 2021 05:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 29 Apr 2021 05:54 AM IST
सार

  • 10 दिनों में करीब 500 से अधिक शवों का किया गया संस्कार
  • अस्थियां के लिए अब लॉकर भी नहीं...

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Delhi news: Corona continues to wreak havoc in national capital
श्मशान का मंजर... - फोटो : amar ujala

विस्तार

सैनिटाजेशन के बाद शव की पैकिंग, फिर पीपीई किट में अपने परिजन का अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वालों की फेहरिस्त लगातार लंबी हो रही है। कोरोना की वजह से अपनों को खोने वाले इस कदर खौफजदा हैं कि अब उफ भी नहीं निकल रही है। बहुत खराब बीमारी है, कैसे बचें....एक व्यक्ति ने अपने चाचा के अंतिम संस्कार के बाद कुछ ऐसी ही बात श्मशान पर करते नजर आए। महिलाएं, युवा सभी अपनों को अंतिम विदाई देने के लिए सभी एहतियातों का पालन करते हुए पूरे दिन पहुंचते रहे।

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कोरोना संक्रमण के कारण मौत की बढ़ती संख्या से श्मशान में शवों को अंतिम संस्कार करने से पहले किसी को बात करने की भी फुर्सत नहीं। द्वारका सेक्टर-24 के इस श्मशान में तयशुदा से 25 गुना अधिक शवों का रोजाना अंतिम संस्कार किया जा रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में शरीक न हो पाने वालों को इस बात की चिंता सता रही है कि अस्थियां सुरक्षित रखने के लिए अब लॉकर भी उपलब्ध नहीं है। कोरोना की चपेट में आकर जान गंवाने वाले लोगों की तादाद इतनी बढ़ गई है कि एक चिता के बुझने से पहले दूसरे शव का अंतिम संस्कार शुरू कर दिया जाता है।  
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10 दिनों में 500 से अधिक शवों का हो चुका है अंतिम संस्कार
द्वारका स्थित शवदाह गृह का संचालन करने वाली संस्था श्री गुरु सिंह सभा, सेक्टर-11 द्वारका के सचिव एसएस बजाज ने बताया कि शवों की संख्या कई गुना अधिक बढ़ गई है। पिछले 10 दिनों से रोजाना 50 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसके लिए तय कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है। सैनिटाइजेशन के बाद ही पीपीई किट में रिश्तेदार पहुंच रहे हैं। सभी के लिए मास्क लगाना, सैनिटइाजेशन और सामाजिक दूरी का पालन भी जरूरी है। 
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अगले दिन बुलाए जा रहे हैँ फूल चुगने 
शवों के अंतिम संस्कार के लिए एमसीडी की ओर से 2800 रुपये का रेट तय किया गया है। संस्कार के अगले दिन लोगों को फूल चुगने के लिए बुलाया जाता है ताकि देर न हो। कोविड संक्रमण के मृतकों के लिए श्मशान में लकड़ियां सहित सभी जरूरी सामान भी रखे गए हैं ताकि किसी को परेशान होना न पड़े। हालांकि धार्मिंक अनुष्ठान के लिए सभी सामग्री की जरूरत के हिसाब से अधिक खर्च भी कई लोग कर रहे थे।

नम आंखों से अपनों को दी अंतिम विदाई 
शवों के अंतिम संस्कार के दौरान साथ पहुंचने वाले परिवार के दूसरे सदस्य मास्क लगाकर अकेले में अश्रुपूर्ण विदाई देते नजर आए। सभी के गले रुंधे हुए तो गम के इस माहौल में हर कोई यही प्रार्थना कर रहा था कि और किसी परिवार के साथ ऐसा न हो। इनमें से कुछ ऐसे भी लोग थे, जिनके परिजनों की सांसे ऑक्सीजन की कमी से आखिरी सांसे बन गईं। सभी के चेहरे पर दुख के साथ साथ रोष भी दिख रहा था। 

अंतिम संस्कार के नियम पूछने के बाद लौट रहे हैं घर
श्मशान में कुछ ऐसे भी लोग पहुंचे, जिन्हें इस बात की चिंता सता रही थी कि कोविड संक्रमितों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाए। एक मृतक के परिजन ने कर्मी से पूछा कि शव का सैनिटाइजेशन जरूरी है क्या, कैसे ला सकते हैं। क्या उन्हें बताना जरूरी है कि मौत कोविड-19 संक्रमण की वजह से हुई। सभी जानकारियां मिलने के बाद मृतक के शव को संस्कार के लिए लेने के लिए घर लौटे।

श्मशानों में कम पड़ रहीं चिता की लकड़ियां, मेयर ने सीएम से मांगी मदद

कोरोना महामारी के कारण दिल्ली में हाहाकार मचा है। कोरोना से इतनी ज्यादा मौतें हो रही हैं कि शवों को जलाने के लिए श्मशानों में लकड़ियां कम पड़ गई हैं। निगम द्वारा संचालित श्मशानों को भी चिता के लिए लकड़ियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिसके लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुरोध किया कि वह वन विभाग को इन श्मशानों में लकड़ियों की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दें।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में न केवल अस्पतालों जबकि श्मशानों में भी कतारें लगी हुई हैं। मरीजों की संख्यां इतनी ज्यादा है कि लोगों की ऑक्सीजन, दवाइयां और वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण अधिकतर मौत हो रही है। इस समय शवों की संख्या इतनी ज्यादा है कि श्मशानों को उनके अंतिम संस्कार के लिये अतिरिक्त चबूतरे बनाने पर पड़ रहे हैं। इसके बावजूद मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए 16 से 20 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में अप्रैल महीने में अबतक 4063 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इनमें से 2500 से अधिक लोगों की मौत इन सात दिन केभीतर हुई है। जबकि फरवरी में कुल 57 और मार्च में 117 लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई थी। 

मेयर जय प्रकाश ने अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी में लिखा है कि वन विभाग को बिना किसी रुकावट के निगम के श्मशानों में लकड़ी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वह निर्देश दें। चिट्ठी में मेयर ने आगे लिखा है कि कृपाया वह वन विभाग को उचित निर्देश दें ताकि श्मशान निर्बाध तरीके से अपना काम जारी रख सकें और शोकाकुल परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

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