दिल्ली: सूचना प्रसारण मंत्रालय ने नेटफ्लिक्स के साथ मिलकर शुरू की आजादी की अमृत कहानी श्रृंखला
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बसंती देवी के साथ माउंट एवरेस्ट को एक ही सीजन में दो बार फतह करने वाली दुनिया की पहली महिला अंशु जमसेनपा और भारत की पहली महिला दमकलकर्मी हर्षिनी कान्हेकर को विशेष रूप से सम्मानित भी किया।
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सूचना प्रसारण मंत्रालय ने नेटफ्लिक्स के साथ मिलकर महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण और सतत विकास जैसे विविध विषयों पर आजादी की अमृत कहानी नामक लघु फिल्मों की एक श्रृंखला की शुरुआत की है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मंगलवार को देश की सात प्रेरक महिलाओं पर लघु फिल्म जारी की। इनमें उत्तराखंड में कोसी नदी के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पुरस्कार विजेता पर्यावरणविद् बसंती देवी भी शामिल हैं। यह लघु फिल्में सोशल मीडिया प्लेटफार्म और दूरदर्शन पर भी प्रसारित की जाएगी।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बसंती देवी के साथ माउंट एवरेस्ट को एक ही सीजन में दो बार फतह करने वाली दुनिया की पहली महिला अंशु जमसेनपा और भारत की पहली महिला दमकलकर्मी हर्षिनी कान्हेकर को विशेष रूप से सम्मानित भी किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूचना प्रसारण मंत्रालय देश भर में पोस्ट-प्रोडक्शन, वीएफएक्स, एनीमेशन, संगीत कार्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर एक रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए भी नेटफ्लिक्स के साथ मिलकर काम करेगा।
ठाकुर ने कहा कि नेटफ्लिक्स मंत्रालय के लिए दो मिनट की 25 से 30 लघु फिल्मों का निर्माण करेगा, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाएगा और दूरदर्शन नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा। कार्यक्रम में नेटफ्लिक्स की वैश्विक टीवी प्रमुख बेला बजारिया भी मौजूद थीं। ठाकुर ने बजरिया से भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर लघु फिल्मों की संख्या 25-30 से बढ़ाकर 75 करने का भी आग्रह किया।
फिल्में आम महिलाओं को आगे बढ़ने में देंगी प्रेरणा
लघु फिल्म सात महिला अग्रदूतों के जीवन पर आधारित हैं। इनमें उत्तराखंड में कोसी नदी के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पद्मश्री और पर्यावरणविद् बसंती देवी , माउंट एवरेस्ट को एक ही सीजन में दो बार फतह करने वाली दुनिया की पहली महिला अंशु जमसेनपा और भारत की पहली महिला दमकलकर्मी हर्षिनी कान्हेकर शामिल हैं। इनके अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूनम नौटियाल भी शामिल हैं, जिन्होंने उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में मीलों पैदल चलकर सभी को टीका लगाया।उनके अलावा भारत में मिसाइल परियोजना का नेतृत्व करने वाली पहली महिला वैज्ञानिक टेसी थॉमस, भारत की पहली प्रतिस्पर्धी महिला स्टैंड-अप पैडलबोर्डर तन्वी जगदीश तथा एक हल्के विमान के जरिए अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को अकेले पार करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की एवं पहली महिला पायलट आरोही पंडित भी इन अग्रदूतों में शामिल हैं।