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तकनीकी ज्ञान नहीं होने के कारण टीकाकरण से दूर वरिष्ठ डॉक्टर
Wed, 20 Jan 2021 06:48 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 20 Jan 2021 06:48 PM IST
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भारत में कोरोना टीकाकरण
- फोटो : PTI
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दिल्ली में कोरोना टीकाकरण के तीन दिन पूरे होने के बाद भी कई अस्पतालों में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर जहां स्वास्थ्य कर्मचारियों में ही जागरुकता की कमी बताई जा रही है। वहीं टीका को लेकर भ्रांतियां भी एक वजह हैं।
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हालांकि इस बीच एक और नई वजह सामने आई है। दिल्ली मेडिकल काउंसिल के मुताबिक राजधानी में कई वरिष्ठ डॉक्टर ऐसे हैं जिन्हें तकनीकी का ज्ञान नहीं है। इसके चलते यह डॉक्टर टीकाकरण से पहले अपना पंजीयन नहीं करा पाए।
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ऐसे सैंकड़ों डॉक्टरों की जानकारी काउंसिल को है। यह लोग कोरोना का टीका लगवाने के लिए आगे आना चाहते हैं लेकिन पंजीयन न होने की वजह से इन्हें मौका नहीं मिल पा रहा है। काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता का कहना है कि टीकाकरण को लेकर दिल्ली में जो ट्रेंड दिखाई दे रहा है वह काफी निराशाजनक है।
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स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए। इसे लेकर भ्रांतियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान न होने की वजह से कई डॉक्टर टीकाकरण से दूर हैं। इनकी सूची उनके पास है।
अगर इन लोगों का पंजीयन हो जाता है तो न सिर्फ यह टीका लगवा सकेंगे बल्कि औरों को भी एक मजबूत संदेश दे सकते हैं। सरकार को इनके लिए भी विचार करना चाहिए। वहीं दिल्ली के वरिष्ठ डॉ. विनोद मोंगा का कहना है कि राजधानी के वरिष्ठ और लंबे समय से अनुभवी डॉक्टर एक रोल मॉडल बन सकते हैं।
ऐसे कई डॉक्टर हैं जिनकी आयु 60 वर्ष से भी अधिक है लेकिन तकनीक ज्ञान में वह माहिर नहीं है। अगर इन्हें अवसर दिया जाए तो इनके संपर्क में मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों को एक बेहतर संदेश दिया जा सकता है।