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Delhi News: दिल्ली मेडिकल काउंसिल को किया भंग
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दोबारा से दो महीने के अंदर काउंसिल गठन के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) को कथित अनियमितताओं के चलते भंग कर दिया गया है। इसको लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दी है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को दोबारा से काउंसिल के गठन की प्रक्रिया दो महीने के अंदर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डीएमसी एक स्वायत्त वैधानिक निकाय है, जो दिल्ली में चिकित्सा पद्धति को विनियमित करने और मरीज की सुरक्षा के लिए निजी चिकित्सकों के नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीएमसी अधिनियम 1997 की धारा 29 के तहत निकाय पर नियंत्रण की मांग करते हुए उपराज्यपाल को एक प्रस्ताव भेजा था, इसमें काउंसिल को भंग करने की सिफारिश की गई थी। दरअसल, काउंसिल पर बिना सरकार की मंजूरी के रजिस्ट्रार की सेवानिवृत्ति की आयु एक पक्षीय तरीके से 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने और एक दिसंबर 2024 से उनका कार्यकाल एक और वर्ष के लिए बढ़ाने का आरोप है। इसको लेकर फरवरी महीने में कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ था। नोटिस में डीएमसी ने संबंधित अधिकारी के तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की सूचना साझा की थी लेकिन उसका कोई विवरण साझा नहीं किया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) को कथित अनियमितताओं के चलते भंग कर दिया गया है। इसको लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दी है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को दोबारा से काउंसिल के गठन की प्रक्रिया दो महीने के अंदर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डीएमसी एक स्वायत्त वैधानिक निकाय है, जो दिल्ली में चिकित्सा पद्धति को विनियमित करने और मरीज की सुरक्षा के लिए निजी चिकित्सकों के नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीएमसी अधिनियम 1997 की धारा 29 के तहत निकाय पर नियंत्रण की मांग करते हुए उपराज्यपाल को एक प्रस्ताव भेजा था, इसमें काउंसिल को भंग करने की सिफारिश की गई थी। दरअसल, काउंसिल पर बिना सरकार की मंजूरी के रजिस्ट्रार की सेवानिवृत्ति की आयु एक पक्षीय तरीके से 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने और एक दिसंबर 2024 से उनका कार्यकाल एक और वर्ष के लिए बढ़ाने का आरोप है। इसको लेकर फरवरी महीने में कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ था। नोटिस में डीएमसी ने संबंधित अधिकारी के तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की सूचना साझा की थी लेकिन उसका कोई विवरण साझा नहीं किया था।
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