दिल्ली हाईकोर्ट: भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ कैलाश गहलोत की याचिका खारिज, मानहानि का लगाया था आरोप
गहलोत ने अंतरिम आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने लो-फ्लोर बसों की खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाने के लिए विजेंद्र गुप्ता से पांच करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता पर निषेधाज्ञा लगाने की मांग करने वाली परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अंतरिम याचिका खारिज कर दी। विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा एक हजार लो-फ्लोर बलों की खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
इसके बाद कैलाश गहलोत ने याचिका दायर करते हुए मामले का फैसला आने तक विजेंद्र गुप्ता को कोई भी आपत्तिजनक ट्वीट ना करने का निर्देश देने की मांग की थी। जस्टिस आशा मेनन ने अंतरिम आदेश देते हुए मुद्दे तय करने के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है।
गहलोत ने अपने लंबित दीवानी मानहानि मामले में अंतरिम आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने लो-फ्लोर बसों की खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाने के लिए विजेंद्र गुप्ता से पांच करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर गहलोत के खिलाफ विजेंद्र गुप्ता द्वारा शेयर किए गए अपमानजनक बयानों और पोस्ट को हटाने का निर्देश देने की मांग की थी।
विजेंद्र गुप्ता के वकील ने दिया था मौखिक आश्वासन
गहलोत के खिलाफ विजेंद्र गुप्ता द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कथित रूप से अपमानजनक बयानों और पोस्ट्स को हटाने पर सिंगल जज द्वारा अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 28 अगस्त 2021 को खंड पीठ ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया था। भाजपा नेता के वकील ने पीठ को मौखिक आश्वासन दिया था कि डीटीसी बसों के मुद्दे के संबंध में कोई ट्वीट या बयान नहीं दिया जाएगा।