दिल्ली हाईकोर्ट: सलमान खुर्शीद की किताब से जुड़ी याचिका पर विचार करने से इनकार, धार्मिक भावनाओं को आहत करने का था आरोप
हाईकोर्ट ने सलमान खुर्शीद की किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या' के प्रकाशन, प्रसार व बिक्री को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है।
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हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या' के प्रकाशन, प्रसार व बिक्री को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इस किताब के जरिए खुर्शीद पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा था।
Delhi HC refuses to entertain a plea seeking direction to Centre and Delhi government to stop the publication, circulation, and sale of the book written by former Union Minister Salman Khurshid namely “Sunrise Over Ayodhya” alleging hurting the sentiments of the Hindus
— ANI (@ANI) November 30, 2021
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याचिका में दावा किया गया था कि सलमान खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ लोगों के विश्वास पर चोट करती है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि बोलने की आजादी समेत संविधान में दिए अधिकारों को कुछ अप्रिय होने की आशंका से सीमित या वंचित नहीं किया जा सकता। कानून से चलने वाले लोकतंत्र के लिए ये खतरनाक होगा अगर रचनात्मक आवाजों या बौद्धिक स्वतंत्रता को दबाया जाए।
न्यायमूर्ति वर्मा ने अपने छह पन्नों के फैसले में फ्रांसीसी लेखक वाल्तेयर का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही मैं आपकी बात से असहमत हूं पर आपकी बात रखने की आजादी का समर्थन करता हूं। बोलने की आजादी की पूरे जोश से रक्षा होनी चाहिए। बशर्ते वह सांविधानिक और कानूनी प्रतिबंधों के अनुसार गलत न हो। उन्होंने 25 नवंबर के अपने फैसले में कहा कि समसामयिक या एतिहासिक घटनाओं के प्रति अलग मत रखना या उनके प्रति अलग राय व्यक्त करना जीवंत लोकतंत्र का सार है।