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अगस्ता वेस्टलैंड मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की प्रत्यर्पण याचिका की खारिज

Mon, 17 Nov 2025 04:56 PM IST
राहुल तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: राहुल तिवारी Updated Mon, 17 Nov 2025 04:56 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के मिडिलमैन क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि चुनौती याचिका को सुनवाई के लिए अस्वीकार कर दिया। याचिका में प्रभावी राहत नहीं मांगी गई थी, जेम्स ने बाद में नई याचिका दाखिल करने की अनुमति मांगी।
 

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Delhi High Court refuses to hear Christian Michel James extradition treaty plea in AgustaWestland case
दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कथित मिडिलमैन क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर वर्तमान रूप में सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जेम्स, जो 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में आरोपी हैं, उन्होंने भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि के प्रावधान को चुनौती दी थी।

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जेम्स ने 1999 में हस्ताक्षरित संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती दी, जो प्रत्यर्पित व्यक्ति पर न केवल उस विशेष अपराध के लिए, बल्कि उससे जुड़े अन्य अपराधों के लिए भी मुकदमा चलाने की अनुमति देता है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति मनोज जैन की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में कोई प्रभावी राहत नहीं मांगी गई है, इसलिए इसे वर्तमान रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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कोर्ट ने कहा कि कोई प्रभावी राहत नहीं मांगी गई है। हम सिर्फ घोषणा क्यों करें? बेहतर याचिका दाखिल करें। आपके पास दो विकल्प हैं। याचिका फिर से दाखिल करने की स्वतंत्रता या आप तर्क करेंगे और हम सुनवाई कर निर्णय देंगे, लेकिन कोई राहत नहीं देंगे। जेम्स के वकील ने याचिका वापस ले ली और नई याचिका दाखिल करने की अनुमति मांगी।
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खंडपीठ ने कहा कि संधि संसद द्वारा पारित नहीं की गई है और इसे कानून घोषित कर असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। जेम्स, जो दिसंबर 2018 में इस संधि के तहत दुबई से प्रत्यर्पित हुए थे, इनका तर्क था कि प्रत्यर्पित व्यक्ति पर केवल उसी अपराध के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है, जिसके लिए प्रत्यर्पण हुआ, न कि उससे जुड़े अपराधों के लिए।

प्रत्यर्पण के बाद जेम्स को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया। वे इस मामले में जांच किए जा रहे तीन कथित मिडिलमैन में से एक हैं, बाकी दो गुइडो हास्चके और कार्लो जेरोसा हैं। सीबीआई ने चार्जशीट में कहा कि 8 फरवरी 2010 को वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के लिए हुई डील से सरकारी खजाने को 398.21 मिलियन यूरो (करीब 2,666 करोड़ रुपये) का अनुमानित नुकसान हुआ। ED ने जून 2016 में जेम्स के खिलाफ चार्जशीट में कहा कि उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड से 30 मिलियन यूरो (करीब 225 करोड़ रुपये) प्राप्त किए।


हाईकोर्ट ने याचिका दोबारा दाखिल करने की दी अनुमति
दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के मुख्य आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन जेम्स मिशेल की याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने मिशेल को याचिका को सही तरीके से फिर से दाखिल करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए मिशेल के वकील को उचित प्रारूप में दोबारा दाखिल करने की छूट दी।


 
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