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Delhi : दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र और दिल्ली सरकार को आदेश- बिना लाइसेंस ऑनलाइन दवा विक्रेताओं पर करें कार्रवाई

Thu, 31 Aug 2023 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 31 Aug 2023 05:37 AM IST
सार

अदालत ने केंद्र से ऑनलाइन दवाओं की गैरकानूनी बिक्री पर छह हफ्ते के भीतर अपना रुख भी स्पष्ट करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

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Delhi HC orders Center and Delhi Government take action against unlicensed online drug vendors
delhi high court - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिना लाइसेंस ऑनलाइन दवा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र से ऑनलाइन दवाओं की गैरकानूनी बिक्री पर छह हफ्ते के भीतर अपना रुख भी स्पष्ट करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

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मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा व न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से कहा गया कि इस मुद्दे पर जारी नियमों के मसौदे पर फिलहाल सलाह-विमर्श जारी है। हालांकि, पीठ ने अंतरिम निर्देश देते हुए कहा कि बिना वैध लाइसेंस ऑनलाइन दवाएं बेच कर उसके 12 दिसंबर, 2018 के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर दोनों सरकारें अगली सुनवाई से पहले जरूरी कानूनी कार्रवाई करें।
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हाईकोर्ट ने दायर याचिका पर पहले केंद्र से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। याचिका में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमों के मसौदे को चुनौती दी गई थी, जिनके जरिये औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन नियमों में संशोधन किए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता साउथ केमिस्ट्स और विक्रेता संगठन के अनुसार बिना उचित कानून बनाए दवा की ऑनलाइन बिक्री से सेहत पर पड़ने वाले खतरों की अनदेखी की जा रही है। 
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अवमानना की मांग
एक अन्य याची जहीर अहमद ने मांग की है कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद ऑनलाइन दवाएं बेच रहीं कंपनियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्र पर भी उन पर सख्ती न करने के लिए अवमानना की कार्रवाई की जानी चाहिए।


खुद को बताया खाने की डिलीवरी जैसा एप 
कुछ ई-फार्मेसी ने पूर्व में हुई सुनवाई में हाईकोर्ट में कहा था कि उन्हें ऑनलाइन दवाएं बेचने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं है। वे केवल खाने की डिलीवरी करने वाले एप की तरह दवाएं डिलीवर कर रही हैं। जिस तरह उन एप को रेस्त्रां के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती, ई-फार्मेसी को भी दवाएं खरीदने वाले अपने ग्राहकों तक इन्हें पहुंचाने के लिए लाइसेंस नहीं चाहिए।

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