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होटल व रेस्तरां में बार के लिए दो महीने का लाइसेंस शुल्क माफ

Thu, 01 Jul 2021 10:30 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 10:30 PM IST
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delhi government waives two months licence fee for Bars
नई दिल्ली। बार चलाने वाले होटल व रेस्तरां व्यवसायियों को दिल्ली सरकार ने बड़ी राहत दी है। लॉकडाउन के दौरान पटरी से उतरे इस व्यवसाय को राहत देने के लिए दो महीने का बार लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया है। कोविड-19 की दूसरी लहर की वजह से रेस्तरां व होटल के बार बंद थे, जिन्हें पिछले दिनों ही 50 प्रतिशत की क्षमता के साथ खोलने की इजाजत मिली है। दिल्ली सरकार के इस कदम से होटल, रेस्तरां, गेस्ट हाउस, मोटल और क्लब को आर्थिक रूप से मदद मिलेगी।
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दिल्ली आबकारी विभाग ने पिछले महीने लाइसेंस धारकों को लाइसेंस शुल्क जमा कराने का निर्देश दिया था। इसमें कहा गया था कि शुल्क अदा नहीं करने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। दिल्ली सरकार के इस फैसले से छोटे रेस्तरां मालिकों को कम से कम एक लाख रुपये का फायदा मिल जाएगा। हालांकि इस निर्णय को व्यवसायियों ने ऊंट के मुंह में जीरा ही बताया है।
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दिल्ली बैंक्वेट फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष समीर अरोड़ा का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान जो नुकसान हुआ है उसमें थोड़ी राहत मिल जाएगी। होटल, रेस्तरां खोलने के बाद भी कोई काम नहीं है। ग्राहकों की संख्या ही नहीं है कि रोजगार पटरी पर लौट सके।
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रोहिणी सेवेन सीज होटल-रेस्तरां व्यवसायी रमेश डेंग का कहना है कि 30 जून को यह ऑर्डर शाम को सात बजे आया था। अंतिम तारीख होने की वजह से ज्यादातर व्यवसायियों ने लाइसेंस शुल्क पहले ही तीन महीने का जमा करा दिया था। कई लोगों ने तो कर्ज लेकर जमा किया। अब इस फैसले से तीन महीने बाद ही फायदा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जब तक सरकार 200 लोगों को रेस्तरां में बैठने की अनुमति नहीं देती तब तक स्थिति दयनीय रहने वाली है। लोग 9 बजे से शराब पीना ही शुरू करते हैं और आदेश है कि 10 बजे रात के बाद शराब परोसना ही नहीं है। ऐसे में बार कैसे चलेगा। बस किसी तरह स्टाफ की सैलरी निकल रही है। अनलॉक करना ही है तो सरकार पूरी तरह करे। ड्रिंक का लाइसेंस 12 बजे रात तक परोसने का होना चाहिए।

यह भी कहा कि अगर सरकार लाइसेंस शुल्क माफ नहीं करती तो व्यवसायी कोर्ट चले जाते। क्योंकि दो महीने तक तो न तो शराब की खरीद हुई और न ही बिक्री। ऐसे में लाइसेंस शुल्क देने का कोई औचित्य ही नहीं है। वहीं पीतमपुरा स्थित ग्रीन लाउंज बैंक्वेट रेस्तरां के संजीव नागपाल का कहना है कि राहत मिली है। सरकार दो महीने की जगह तीन महीने कर देती तो ज्यादा बेहतर रहता। हालांकि उन्होंने भी कहा कि जब सेल ही नहीं है तो बचत क्या होगी।
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