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पैरोल याचिका पर दिल्ली सरकार से मांगा जवाब: हाईकोर्ट ने आरोपी से कहा- अपनी बीमार मां को दिल्ली बुलाने पर करें विचार
Tue, 01 Jun 2021 11:39 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Tue, 01 Jun 2021 11:39 PM IST
सार
अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी से कहा कि वह अपनी मां को दिल्ली बुलाने पर भी विचार करे। पीठ ने कहा कि मां से मिलने और उनकी देखभाल करने के लिए आरोपी को हिरासत में पैरोल पर रिहा किया जा सकता है।
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delhi high court
- फोटो : PTI
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग रिश्वत मामले में 2017 में गिरफ्तार एक आरोपी की पैरोल याचिका पर दिल्ली सरकार से मंगलवार को जवाब मांगा। इस आरोपी ने इस याचिका में तमिलनाडु में अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए हिरासत में पैरोल का अनुरोध किया है। इस मामले में अन्नाद्रमुक नेता टीटीवी दिनाकरण और अन्य आरोपी हैं।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के वकील को आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की याचिका में दिए गए बयानों का सत्यापन करते हुए स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई तीन जून को होगी।
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अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी से कहा कि वह अपनी मां को दिल्ली बुलाने पर भी विचार करे। पीठ ने कहा कि मां से मिलने और उनकी देखभाल करने के लिए आरोपी को हिरासत में पैरोल पर रिहा किया जा सकता है। पीठ ने आरोपी के वकील से कहा इस मुद्दे पर विचार करें कि क्या आपके मुवक्किल की मां तमिलनाडु से यहां आ सकती हैं। यह एयर एंबुलेंस का दौर है, इसलिए वह यहां आ सकती हैं।
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अदालत ने कहा तमिलनाडू में लॉकडाउन लागू है और वहां हिरासत में पैरोल पर भेजना काफी कठिन होगा। आप अपने मुवक्किल से बात कर बताए। वहीं चंद्रशेखर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पराग त्रिपाठी ने राहत दिए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि आरोपी को अपनी बीमार मां से मिलने की जरूरत है और उनकी हालत कोविड संबंधी जटिलताओं के कारण गंभीर है, वहीं आरोपी की पत्नी कैंसर से उबरी है।
उन्होंने कहा कि पहले भी आरोपी को दो-दो सप्ताह के लिए दो बार पैरोल पर रिहा किया गया था और उसके बाद उन्होंने यहां जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था। चंद्रशेखर को पुलिस ने 2017 में गिरफ्तार किया था। वह 20 मामलों में आरोपी हैं और उनमें से 17 मामलों में उसे जमानत मिली हुई है। शेष तीन मामलों में वह हिरासत में हैं।