दिल्ली सरकार ने कहा : देशभक्ति बजट था पिछला, अगले के लिए मांगे सुझाव
दिल्ली सरकार ने कहा कि देशभक्ति बजट 2021-22 में 25 फीसदी बजट शिक्षा और 14 फीसदी स्वास्थ्य के लिए दिया गया था।
विस्तार
दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 बजट को देशभक्ति बजट कहा है और अगले के लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने को देशभक्ति का एक रूप बताया है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, देशभक्ति का मतलब नए स्कूल और कॉलेज खोलना, विश्व स्तरीय अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों के साथ स्वास्थ्य सेवा को बदलना, अधिक से अधिक तिरंगों को लहराना, लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करना, वंचितों की जरूरतों का ध्यान रखना, मुफ्त पानी, मुफ्त बिजली, मुफ्त वाईफाई, मुफ्त बस परिवहन की सुविधा प्रदान करना भी देशभक्ति का हिस्सा है।
देशभक्ति बजट के तहत सरकार ने शिक्षा के लिए कुल बजट का 25 फीसदी धन आवंटित किया था। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में समग्र क्रांति लाना था। यहीं से महत्वाकांक्षी देशभक्ति पाठ्यक्रम अस्तित्व में आया। केजरीवाल ने कहा था कि पहली बार इस तरह की उपलब्धि हासिल की जा रही है। उन्होंने कहा था कि कई देशों में बच्चों को कम उम्र से ही देश के प्रति देशभक्त होना सिखाया जाता है। दिल्ली के 2021 के बजट के दौरान उपमुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीयता की भावना पैदा करने के लिए देशभक्ति पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी।
देशभक्ति पाठ्यचर्या के लक्ष्य
देशभक्ति पाठ्यक्रम के लिए तीन लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। पहले लक्ष्य के तहत प्रत्येक बच्चे को राष्ट्र को लेकर गर्व महसूस कराना। बच्चों को देश के वैभव के बारे में सिखाया जाना। प्रत्येक बच्चे को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य के प्रति जागरूक किया जाना शामिल था। बच्चों में राष्ट्र के लिए योगदान और बलिदान के लिए तैयार रहने की प्रतिबद्धता पैदा करने को प्रमुख रूप से शामिल किया गया था। इस विजन को एक प्रभावी पाठ्यक्रम में तब्दील करने के लिए उप मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित एससीईआरटी द्वारा एक समिति का गठन किया गया था। वहीं, दिल्ली सरकार के शिक्षकों के एक समूह को मई 2021 में पाठ्यक्रम के लिए सामग्री तैयार करने का काम सौंपा गया था। एक रूपरेखा विकसित की गई थी, जिसे 14 अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत और अनुमोदित किया गया था।
पाठ्यक्रम को आधिकारिक तौर पर भगत सिंह के जन्मदिन पर लांच किया गया
पाठ्यक्रम को चार समूहों कक्षा केजी से दो तक , तीन से पांच तक, छह से आठवीं तक और नौ से 12वीं में विभाजित किया गया है। इसे आधिकारिक तौर पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिन पर लांच किया गया था। सभी स्कूलों ने कक्षा केजी से आठवीं के लिए प्रतिदिन और कक्षा नौवीं से 12वीं के लिए सप्ताह में दो बार देशभक्ति पाठ्यक्रम के पीरियड शुरू किए। देशभक्ति पाठ्यचर्या में सभी चर्चाएं और चिंतन, वास्तविक जीवन की स्थितियों और उदाहरणों पर आधारित हैं, जिनसे छात्र आसानी से खुद को जोड़ सकते हैं। कार्यक्रम के तहत कक्षा छह से 12वीं के छात्रों के लिए 100 स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों वाली हमारे देशभक्त क्रांतिकारी नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया था। कक्षा में चर्चा के माध्यम से बच्चों की बौद्धिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
दिल्ली में लहरा रहे हैं तिरंगा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि बजट में आजादी के 75वें साल के उपलक्ष्य में एक रूपरेखा तैयार की गई थी। कनॉट प्लेस की तरह बड़े तिरंगे झंडों को पूरी दिल्ली में 500 जगहों पर लगाने की योजना थी, जिसमें कुल 104 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। जिसमें एक तिरंगे को लगाने के लिए लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इस परियोजना पर 27 जनवरी 2022 तक कुल 16.64 करोड़ खर्च किए गए हैं, जिसमें देशभक्ति बजट के तहत 115 फीट ऊंचाई पर 80 तिरंगे दिल्ली में लगाए गए हैं। इसके अलावा बाकि तिरंगे पूरे राज्य में लगाए जा रहे हैं, जो कि कुछ महीनों के भीतर लगकर तैयार हो जाएंगे। तिरंगा फहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली के 80 जगहों पर 115 फीट ऊंचाई पर तिरंगे लगाए गए हैं। सरकार का मकसद है कि दिल्ली में कोई भी अपने घर से बाहर निकले तो, उसे दो-तीन बार तिरंगा जरूर दिखाई दे। जितनी बार हम तिरंगे को देखते हैं, हमारे अंदर देशभक्ति की भावना जागती है। केजरीवाल ने दावा किया था कि इस उपलब्धि की जांच की जा रही है। उम्मीद है कि दिल्ली ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक रिकॉर्ड स्थान हासिल किया है।
भगत सिंह और बाबासाहेब अंबेडकर की विरासत दिल्ली में बढ़ाई जा रही
बजट के बारे में बात करते हुए केजरीवाल ने कहा था कि हमारे शहीदों को नहीं भुलाया जाएगा। इसमें विशेष रूप से भगत सिंह और बाबा साहब डॉ. अंबेडकर शामिल है। डॉ अंबेडकर के जीवन और संदेश के साथ-साथ उनके लेखन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई और इस उद्देश्य के लिए बजट में एक विशेष प्रावधान किया गया। वहीं, हाल ही में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों में भगत सिंह और बाबा साहब अंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए उनके चित्र लगेंगे। उन्होंने यह घोषणा कार्यालयों में राजनेताओं और मंत्रियों की तस्वीरें लगाने की परंपरा को समाप्त करते हुए की थी। सरकार ने डॉ. बीआर अंबेडकर के जीवन पर बाबासाहेब शीर्षक से एक भव्य संगीतमय नाटक की भी योजना बनाई है। इस नाटक के साथ सरकार का उद्देश्य लोगों को डॉ. बीआर अंबेडकर के संघर्षों से सीखने में मदद करना है।
देशभक्ति बजट का केंद्र बिजली और पानी की आपूर्ति सहित स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर था। बजट का 14 फीसदी हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया था। नए अस्पतालों और बेहतर बुनियादी ढांचे के अलावा दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के पास जल्द ही अपना स्वास्थ्य कार्ड होगा। दिल्ली सरकार ने दिल्लीञ्च2047 पहल के जरिए भविष्य को लेकर विजन तैयार किया है। दिल्ली को भारत का सबके रहने योग्य शहर भी बनाया जाएगा। इसके अलावा ओलंपिक 2048 के लिए भी दिल्ली दावेदारी पेश करेगी। साथ ही दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय सिंगापुर के प्रत्येक व्यक्ति के बराबर करने का लक्ष्य है।
बजट सत्र 2022-23 के लिए सरकार ने मांगे लोगों से सुझाव
दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट के लिए लोगों की सहभागिता की पहल की है। इसके तहत लोग बजट बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बन अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके लिए लोग सरकार की वेबसाइट के माध्यम से वित्त विभाग को सुझाव भेज सकते हैं। सरकार का उद्देश्य 2021-22 के देशभक्ति बजट की तरह इस वर्ष भी राज्य से संबंधित सभी पहलुओं को कवर करने का प्रयास है। हालांकि, कुछ विषयों को लेकर सरकार को लोगों द्वारा प्रतिक्रियाएं मिली हैं।
सरकार के मुताबिक, अब तक समाज के सभी वर्गों से एक हजार से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो चुकी हैं। इसमें कई प्रतिक्रियाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के क्षेत्रों से संबंधित हैं। सुझावों का उद्देश्य निवासियों के सामने आने वाली जमीनी समस्याओं को दूर करना है। सुझाव के माध्यम से एक व्यक्ति ने मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर मोहल्ला लाइब्रेरी के विकास की मांग की है। व्यक्ति का कहना है कि ऐसी प्रणाली उन लोगों की बहुत मदद कर सकती है, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहते हैं और उनके पास अध्ययन करने के लिए जगह नहीं है। इसी तरह एक अन्य निवासी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सस्ती पार्किंग की मांग की है। इस प्रस्ताव से लोग परिवहन के हरित माध्यम को अपनाने में प्रोत्साहित होंगे।
वहीं, अन्य सुझावों में छोटे पैमाने के सामुदायिक सौर ऊर्जा संयंत्रों, स्थानीयकृत सीवेज उपचार संयंत्रों, पार्कों की सिंचाई के लिए उपचारित पानी के उपयोग और घर-घर से ई-कचरा संग्रह जैसे सुझाव दिए गए हैं। दिल्ली सरकार बजट सत्र को मार्च के आखिरी सप्ताह में आयोजित करने की तैयारी कर रही है।