फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi : DU and Stephens dispute increased the confusion of the students

Delhi : डीयू और स्टीफंस विवाद ने छात्रों की बढ़ाई उलझन, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की तैयारी

Thu, 22 Sep 2022 04:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 22 Sep 2022 04:31 AM IST
सार

Delhi : दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज में स्नातक पाठ्यक्त्रस्मों में दाखिले के लिए नीति स्पष्ट नहीं होने से छात्रों की उलझनें बढ़ गई हैं। डीयू के अन्य कॉलेजों मेें दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है, लेकिन छात्र असमंजस में हैं कि डीयू पोर्टल पर पंजीकरण कराएं या नहीं। 

विज्ञापन
Delhi : DU and Stephens dispute increased the confusion of the students
दिल्ली विश्वविद्यालय - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज में स्नातक पाठ्यक्त्रस्मों में दाखिले के लिए नीति स्पष्ट नहीं होने से छात्रों की उलझनें बढ़ गई हैं। डीयू के अन्य कॉलेजों मेें दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है, लेकिन छात्र असमंजस में हैं कि डीयू पोर्टल पर पंजीकरण कराएं या नहीं। 

विज्ञापन


यदि पंजीकरण करा दिया तो क्या कॉलेज का आवंटन हो जाएगा। दरअसल, कॉलेज सीयूईटी स्कोर और साक्षात्कार से ही दाखिले करने पर कायम है। जबकि डीयू की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि कॉलेज को दाखिले डीयू के नियमों के तहत ही करने होंगे।
विज्ञापन


सेंट स्टीफंस में दाखिले की इच्छुक एक छात्रा ने कहा कि वह अब तक समझ नहीं पा रही कि दाखिला किस आधार पर कब होगा। कॉलेज सीयूईटी स्कोर और साक्षात्कार से दाखिले करने पर कायम है। ऐसे में यदि कॉलेज व कोर्स के आवंटन के समय दिक्कत हुई तो कौन जिम्मेदार होगा। जबकि डीयू के बारे में पता चल रहा है कि वह सीयूईटी स्कोर से ही दाखिले लेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस विवाद से छात्र ही परेशान हो रहे हैं। डीयू के एक अधिकारी के अनुसार अभी तो छात्रों को डीयू के दाखिला पोर्टल पर पंजीकरण करना चाहिए। अभी कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन यदि तीन अक्तूबर तक कोर्ट में पहुंचा विवाद नहीं हल हुआ तो छात्रों को कॉलेज व कोर्स आवंटन में दिक्कत आएगी। 

हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगा कॉलेज प्रबंधन
दरअसल, मंगलवार को ही सेंट स्टीफंस कॉलेज की प्रबंध समिति ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। हाईकोर्ट ने कॉलेज को 50 फीसदी सीट (ओपन कैटेगरी नॉन क्रिश्चियन समुदाय के छात्रों के लिए) पर डीयू के नियमों केे तहत केवल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेेस्ट (सीयूईटी) से दाखिले करने को कहा है। जबकि कॉलेज सभी सीटों पर दाखिले सीयूईटी स्कोर और साक्षात्कार के आधार पर करना चाह रहा है।

दो या तीन विषयों में सीयूईटी दिया तो रेस सेे बाहर
साक्षी और साहिल की दिली तमन्ना दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की थी। बारहवीं में अच्छा स्कोर होने के साथ ही सीयूईटी भी दी थी। दोनों ने सीयूईटी में जनरल टेस्ट नहीं दिया। साथ ही परीक्षा भी दो से तीन विषयों की दी। दो दिन पहले पता चला कि अब वह डीयू के दाखिला सिस्टम से बाहर हो गए हैं।

  यह समस्या केवल इन दो छात्राओं की नहीं बल्कि ऐसे बहुत से छात्र हैं जिन्होंने सीयूईटी की परीक्षा केवल दो से तीन विषयों में दी या फिर जनरल टेस्ट नहीं दिया। डीयू की ओर से पहले सलाह दी गई थी कि सीयूईटी अधिकतम नौ विषयों में दे सकते। इसलिए ज्यादा से ज्यादा कोर्स में परीक्षा दें।


 डीयू दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने कहा कि जिन छात्रों ने दो सेे तीन विषयों में परीक्षा के साथ जनरल टेस्ट दिया है तो उनका बीए, बीकॉम प्रोग्राम व हिंदी पत्रकारिता जैसे कोर्सेज में दाखिले का चांस हैं। लेकिन जिन्होंने जनरल टेस्ट नहीं दिया है, वह दाखिला सिस्टम से बाहर हो जाएंगे। प्रोफेसर गांधी ने कहा कि अप्रैल से ही छात्रों को वेबिनार के माध्यम से सलाह दी जा रही थी कि वह ज्यादा सेे ज्यादा कोर्सेज के लिए सीयूईटी दें।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed