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मालिक ने बेचने के बाद चोरी की कार: जीपीएस से ट्रैक कर फिर तीसरी चाबी से चुराई, सीसीटीवी और फास्टैग से पकड़ा
Sun, 18 Oct 2026 09:45 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 18 Oct 2026 09:45 AM IST
सार
दिल्ली के शाहदरा जिले की पुलिस ने कार चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है। पूर्व मालिक ने दोस्त के साथ मिलकर कार चुराई थी। मालिक ने पहले कार को बेचा और फिर जीपीएस से ट्रैक किया, इसके बाद फिर तीसरी चाबी से कार चोरी कर ली। पुलिस ने दिल्ली से हरियाणा तक 100 से ज्यादा कैमरों की जांच की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है।
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Delhi Car Theft Solved
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन इलाके में गाड़ी बेचने के बाद उसे जीपीएस की मदद से ट्रैक कर और अपने पास रखी तीसरी चाबी से चोरी के मामले का शाहदरा जिला पुलिस ने खुलासा किया है। एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने मामले को सुलझाते हुए कार के पूर्व मालिक और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी हुई कार और उसमें रखे 2 लाख रुपये में से बचे 89,500 रुपये बरामद कर लिए हैं। शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 8 अक्तूबर को कार खरीदने वाले पीड़ित ने दिलशाद गार्डन इलाके में अपनी हुंडई वरना कार खड़ी की थी।
कुछ ही देर बाद जब वह वापस लौटा तो उनकी कार गायब मिली। कार में नकद भी रखे हुए थे। शिकायत के बाद 9 अक्तूबर को सीमापुरी थाने में ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शाहदरा एएटीएस को सौंपी गई।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी हुई कार और उसमें रखे 2 लाख रुपये में से बचे 89,500 रुपये बरामद कर लिए हैं। शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 8 अक्तूबर को कार खरीदने वाले पीड़ित ने दिलशाद गार्डन इलाके में अपनी हुंडई वरना कार खड़ी की थी।
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कुछ ही देर बाद जब वह वापस लौटा तो उनकी कार गायब मिली। कार में नकद भी रखे हुए थे। शिकायत के बाद 9 अक्तूबर को सीमापुरी थाने में ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शाहदरा एएटीएस को सौंपी गई।
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100 से ज्यादा सीसीटीवी और फास्टैग डिटेल से मिला सुराग
एएटीएस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में पता चला कि गाड़ी पार्क होने के महज चार मिनट के भीतर ही चोरी हो गई थी।
एएटीएस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में पता चला कि गाड़ी पार्क होने के महज चार मिनट के भीतर ही चोरी हो गई थी।
आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस टीम ने दिल्ली से लेकर हरियाणा तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल की। इसके अलावा कार के फास्टैग डिटेल्स की जांच की। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम सोनीपत, हरियाणा के गांव खेड़ी, दहिया पहुंची।
जांच में पता चला कि गाड़ी का पूर्व मालिक योगेश दहिया इसी गांव का रहने वाला है। 14 अक्तूबर को पुलिस ने छापेमारी कर योगेश को दबोच लिया। बाद में उसके दोस्त साहिल रोहिल्ला को भी गिरफ्तार किया गया।
कार बेचने से पहले लगवाया था जीपीएस, तीसरी चाबी भी थी आरोपी के पास मौजूद
आरोपी योगेश दहिया ने बताया कि उसने कंप्यूटर साइंस में बीएससी पास की हुई है। उसने अपने कार मैकेनिक दोस्त साहिल रोहिल्ला के साथ मिलकर कार बेचने से पहले ही उसमें एक जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगा दी थी।
आरोपी योगेश दहिया ने बताया कि उसने कंप्यूटर साइंस में बीएससी पास की हुई है। उसने अपने कार मैकेनिक दोस्त साहिल रोहिल्ला के साथ मिलकर कार बेचने से पहले ही उसमें एक जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगा दी थी।
कार और नकदी हुई बरामद
पुलिस ने आरोपी योगेश दहिया के घर से 39,500 रुपये और उसके साथी साहिल रोहिल्ला के पास से 50 हजार रुपये कैश और चोरी की हुंडई वरना कार बरामद कर ली है। साहिल ने बताया कि उसने अपने हिस्से के 25 हजार रुपये खर्च कर दिए।
पुलिस ने आरोपी योगेश दहिया के घर से 39,500 रुपये और उसके साथी साहिल रोहिल्ला के पास से 50 हजार रुपये कैश और चोरी की हुंडई वरना कार बरामद कर ली है। साहिल ने बताया कि उसने अपने हिस्से के 25 हजार रुपये खर्च कर दिए।
शाहदरा पुलिस ने आम जनता और पुरानी गाड़ी खरीदने वालों को सलाह दी है कि पुरानी कार खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि गाड़ी की सभी चाबियां आपको मिल गई हैं और गाड़ी में लगे किसी भी पुराने जीपीएस या कनेक्टेड एप के एक्सेस को पूरी तरह से रीसेट या ट्रांसफर करा लिया गया है।