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दिल्ली बजट 2022-23: एक हजार से ज्यादा युवा व व्यापारियों ने दिए सुझाव, सिसोदिया बोले- जन भागीदारी ही दिल्ली की तरक्की का आधार
Fri, 18 Feb 2022 01:43 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 18 Feb 2022 01:43 AM IST
सार
दिल्ली सरकार को जनभागीदारी बजट के लिए मिलने वाले सुझाव में दिल्ली के युवाओं, व्यापारियों, उद्योगपतियों, एंटरप्रेन्योर्स ने सुझाव दिए हैं कि दिल्ली की आर्थिक तरक्की और नए रोजगार के सृजन के लिए क्या किया जा सकता है।
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दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री व वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अगामी वित्त वर्ष में दिल्ली सरकार आर्थिक तरक्की व रोजगार देने वाले रोडमैप पर चलेगी। युवाओं व व्यापारियों से मिले सुझाव को सरकार बजट में शामिल करेगी। ताकि दिल्ली में बेहतर आर्थिक तरक्की संभव हो सके। 2022-23 के लिए दिल्ली की जनता से मांगे गए सुझाव में भी सबसे अधिक भागीदारी व्यापारी व युवा वर्ग की है। साथ ही कई लोगों ने उत्साह के साथ भाग भी लिया।
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दिल्ली सरकार को जनभागीदारी बजट के लिए मिलने वाले सुझाव में दिल्ली के युवाओं, व्यापारियों, उद्योगपतियों, एंटरप्रेन्योर्स ने सुझाव दिए हैं कि दिल्ली की आर्थिक तरक्की और नए रोजगार के सृजन के लिए क्या किया जा सकता है। दिल्ली सरकार इन सभी सुझावों का अध्ययन करवा रही है। इसे अपनी नीति में शामिल करेगी।
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दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री व वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि नोटबंदी, कोरोना महामारी के कारण दिल्ली की अर्थव्यवस्था धीमी हो गई। लंबे समय तक लॉकडाउन रहने के कारण व्यापार बे-पटरी हो चुका है, जिसे दोबारा पटरी पर लाने और दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने के लिए दिल्ली की जनता से आगामी बजट के लिए सुझाव मांगे गए हैं। व्यापार-उद्योग को कैसे आगे बढ़ाएं, इसकी बेहतर समझ व्यापारियों व उद्योगपतियों के पास हैं। नए रोजगार कैसे पैदा किए जाएं, इसकी समझ भी व्यापारियों व उद्योगपतियों के पास हैं। नौजवानों के पास रोजगार के अवसर पैदा करने को लेकर नए आइडियाज हैं।
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सिसोदिया ने यह भी कहा है कि लोगों की यह भागीदारी ही दिल्ली की तरक्की का आधार है। दिल्ली की आबादी देश की कुल आबादी का मात्र 1.49 फीसद है, लेकिन देश की जीडीपी में दिल्ली का योगदान 4.4 फीसद है।
देश का स्टार्ट अप कैपिटल बन गया है दिल्ली
वित्तमंत्री ने कहा कि स्वयं केंद्र सरकार अपनी रिपोर्ट में यह मानती है कि दिल्ली अपनी आर्थिक तरक्की के लिए सबसे ज्यादा नए प्रयोग करने वाला राज्य है। आर्थिक सर्वेक्षण 2022 के अनुसार दिल्ली देश का स्टार्ट-अप कैपिटल बन चुका है। यहीं से दिल्ली और देश की आर्थिक तरक्की का रास्ता निकलेगा।
दिल्ली बजट 2022-23 के लिए लोगों से मिले सुझाव
. दिल्ली में नए स्पेशल इकॉनोमिक जोन बनाकर इंडस्ट्री व व्यापार को सब्सिडी
. रियायती दरों में जगह देना चाहिए, इससे रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
. इंडस्ट्री के लिए स्किल्ड और टैलेंटेड वर्कफोर्स की कमी न हो, इसके लिए स्पेशल इकॉनमी जोन को विभिन्न प्रोफेशनल सरकारी व निजी विश्वविद्यालय के साथ टाईअप किया जाए।
. फ्रेशर्स को अप्रेंटिसशिप दी जानी चाहिए। सीखने का मौका देकर कौशल को बढ़ाया जाए।
. विभिन्न आईटी पार्क स्थापित कर दिल्ली को आईटी हब के रूप में विकसित करना चाहिए।
. अकुशल श्रमिकों की कुशल बनाया जाए।