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दिल्ली में धमाकाः विस्फोट के लिए किया गया कम तीव्रता वाले मसाले का इस्तेमाल, मोसाद भी जुटी जांच में
Sat, 30 Jan 2021 05:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Jan 2021 05:15 AM IST
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इजरायल दूतावास विस्फोट
- फोटो : twitter@ani_digital
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लुटियन की दिल्ली में इस्राइली दूतावास के पास हुआ बम धमाका भले कम तीव्रता वाला था, लेकिन यह आतंकी वारदात ही लगता है। धमाका कम तीव्रता वाले बम से किया गया। इसे प्लास्टिक वाली थम्प-अप की केन में रखा गया था। केन के ऊपर से पॉलिथीन लपेटी गई थी। कारों के शीशे टूटने का कारण बम के अंदर रखी गई बॉल बियरिंग थीं।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि धमाके वाली जगह से करीब करीब 25 मीटर की दूरी पर तीनों कारें पार्क थीं। बम में रखी बॉल बियरिंग से कारों के शीशे टूटे हैं। कारों के अंदर से कुछ बॉल बियरिंग मिली भी हैं। धमाका बंगला नंबर 5 के पास सर्विस लेन व बंगले के बीच की कच्ची जमीन पर हुआ। जिस जगह बम धमाका हुआ, वहां पांच से छह इंच गड्ढा हो गया था। गड्ढे के पास पुलिस को कुछ विस्फोटक भी मिला है।
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बम धमाके वाली जगह पर घास उगी हुई थी। पास में कई गमले जैसे रखे थे। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, इसके अलावा घटनास्थल व आसपास के इलाके से कोई और बम नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमाका किसी की शरारत है। वह दिखाना चाहता था कि आतंकी कुछ भी कर सकते हैं।
लाल किले से बुलाई फोरेंसिक टीम
बम धमाके से पहले रोहिणी स्थित एफएसएल की टीम लाल किले में सैंपल एकत्र कर रही थी। बम धमाके की सूचना मिलते ही इस टीम को मौके पर बुला लिया गया। इस टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत सैंपल उठा लिए। इस टीम के एक अधिकारी ने बताया कि मौके से कुछ विस्फोटक के अलावा बॉल बियरिंग और कारों के टूटे शीशे एकत्र किए गए हैं।
आतंकियों ने इससे पहले 13 फरवरी, 2012 को प्रधानमंत्री आवास के पास सफदरजंग रोड क्रॉसिंग पर इस्राइली दूतावास की कार को निशाना बनाया था। बाइक पर आए दो व्यक्ति दूतावास की इनोवा कार पर स्टिकी बम लगाकर फरार हो गए थे। इस बम धमाके में राजनयिक की पत्नी समेत चार लोग घायल हो गए थे। गनीमत है कि इस धमाके में किसी की जान नहीं गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक ईरानी एजेंसी के पत्रकार मोहम्मद काजमी को गिरफ्तार किया था। हालांकि सबूत न मिलने पर उसे छोड़ना पड़ा था।
जांच में मिले चुम्बकीय टुकड़े
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब सवा तीन बजे हुए धमाके बाद इस्राइली दूतावास की कार एक इंडिका कार से टकरा गई थी। इनोवा कार में आग लग गई थी। छानबीन में पता चला कि घटना के समय दूतावास के पास लाल रंग की बाइक पर दो युवकों को देखा गया था। उन्होंने कार पर कुछ चिपकाया था। इसके थोड़ी देर बाद ही धमाका हो गया था। जांच में बम चिपकाने में इस्तेमाल उपकरण में चुंबकीय टुकड़े मिले थे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज से ज्यादा मदद नहीं मिली थी। इस बम हमले में इस्राइली राजनयिक की पत्नी, उनका ड्राइवर और पास की कार में बैठे दो अन्य लोग घायल हुए थे।
दिल्ली पुलिस ने घटना के करीब एक महीने बाद स्वतंत्र पत्रकार सैयद मोहम्मद काजमी को गिरफ्तार किया था। काजमी ने बताया था कि वह एक ईरानी समाचार एजेंसी के लिए काम करता है। 50 साल के काजमी पर बम हमले से जुड़े एक संदिग्ध के साथ संपर्क रखने का संदेह था। पुलिस के मुताबिक इस संदिग्ध ने ही चुंबक बम राजनयिक की कार पर लगाया था।
हालांकि तलाशी के दौरान पत्रकार के घर से कुछ नहीं मिला था। बाद में पत्रकार को छोड़ दिया गया था। इस मामले में चार विदेशियों की भूमिका सामने आई थी। ये लोग ईरान के बताए गए थे और वारदात के आसपास भारत आए थे। पुलिस ने इस मामले में तभी चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
इस्राइल की मोसाद भी जुटी जांच में
दिल्ली पुलिस ने आईईडी विस्फोट को कम तीव्रता का बताया, लेकिन धमाके के बाद वहां अफरातफरी मच गयी। अति सुरक्षित मानी जाने वाली इजरायल दूतावास के सामने विस्फोट को जांच एजेंसियां गंभीरता से ले रही है। यहां तक कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ जांच में जुट गयी है।