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उगाही के विरोध पर हुई थी डीलर की हत्या
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नई दिल्ली। नजफगढ़ इलाके के नीलवाल गांव में 7 मार्च को प्रॉपर्टी डीलर सुशील की हत्या साप्ताहिक बाजार लगाने वालों से उगाही का विरोध करने पर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में नंदू गिरोह के शार्प शूटर हरियाणा में बहादुरगढ़ के गांव जटवारा निवासी मनोज राठी (28) को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्टल, तीन कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है।
जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि मनोज नंदू, अमित गुलिया और अंकुश गिरोह का शार्प शूटर है। अमित गुलिया और अंकुश नंदू गिरोह में सक्रिय हैं और फिलहाल मकोका के मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। वे सलाखों के पीछे बैठकर ही उगाही का धंधा चला रहे हैं। गिरोह के बदमाशों को वे व्हाट्स एप कॉल के जरिए निर्देश भेजते हैं।
प्रॉपर्टी डीलर सुशील की हत्या की जांच जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा को दी गई थी। निरीक्षक रामकिशन के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगालकर 11 मार्च को एक सूचना पर मनोज राठी को गिरफ्तार कर लिया। मनोज ने बताया कि वह जयपुर में गेस्ट हाउस चलाता था। वर्ष 2016 में घुम्मनहेड़ा में हत्या करने के बाद अमित साथियों के साथ गेस्ट हाउस में पहुंचा। वहां उसने अमित की मदद की। घाटा होने पर मनोज ने गेस्ट हाउस बंद कर दिया। गांव लौटने के बाद से वह अमित और अंकुश के संपर्क में है। दो माह पहले अमित और अंकुश के निर्देश पर वह बिजवासन निवासी धर्मेंद्र के साथ साप्ताहिक बाजार लगाने वालों से उगाही करने लगा। सुशील ने द्वारका सेक्टर एक शनि बाजार के विक्रेताओं से उगाही करने का विरोध किया था। इसकी जानकारी पर अमित गुलिया और अंकुश ने उसकी हत्या का निर्देश दिया था।
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जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि मनोज नंदू, अमित गुलिया और अंकुश गिरोह का शार्प शूटर है। अमित गुलिया और अंकुश नंदू गिरोह में सक्रिय हैं और फिलहाल मकोका के मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। वे सलाखों के पीछे बैठकर ही उगाही का धंधा चला रहे हैं। गिरोह के बदमाशों को वे व्हाट्स एप कॉल के जरिए निर्देश भेजते हैं।
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प्रॉपर्टी डीलर सुशील की हत्या की जांच जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा को दी गई थी। निरीक्षक रामकिशन के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगालकर 11 मार्च को एक सूचना पर मनोज राठी को गिरफ्तार कर लिया। मनोज ने बताया कि वह जयपुर में गेस्ट हाउस चलाता था। वर्ष 2016 में घुम्मनहेड़ा में हत्या करने के बाद अमित साथियों के साथ गेस्ट हाउस में पहुंचा। वहां उसने अमित की मदद की। घाटा होने पर मनोज ने गेस्ट हाउस बंद कर दिया। गांव लौटने के बाद से वह अमित और अंकुश के संपर्क में है। दो माह पहले अमित और अंकुश के निर्देश पर वह बिजवासन निवासी धर्मेंद्र के साथ साप्ताहिक बाजार लगाने वालों से उगाही करने लगा। सुशील ने द्वारका सेक्टर एक शनि बाजार के विक्रेताओं से उगाही करने का विरोध किया था। इसकी जानकारी पर अमित गुलिया और अंकुश ने उसकी हत्या का निर्देश दिया था।
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