फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   DDA: The hearing on the draft of the master plan is over, now the plan will be final, the suggestions and objections of the common people and leaders are heard.

डीडीए: मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर सुनवाई पूरी, अब प्लान फाइनल होगा, आम लोगों एवं नेताओं के सुझाव एवं आपत्ति सुनी

Mon, 29 Nov 2021 07:39 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Mon, 29 Nov 2021 07:39 AM IST
सार

मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर डीडीए के पास 33 हजार आपत्ति एवं सुझाव भेजे गए थे। डीडीए ने इन आपत्तियों एवं सुझाव पर चर्चा करने के लिए जांच एवं सुनवाई बोर्ड गठित किया। बोर्ड ने करीब सवा माह के दौरान 12 बैठकों में मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर सुनवाई का कार्य पूरा किया। अब डीडीए मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने का कार्य शुरू करेगा।

विज्ञापन
DDA: The hearing on the draft of the master plan is over, now the plan will be final, the suggestions and objections of the common people and leaders are heard.
डीडीए पदाधिकारी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के जांच एवं सुनवाई बोर्ड ने मास्टर प्लान-2041 के ड्राफ्ट पर आई आपत्तियों एवं सुझावों पर सुनवाई का काम पूरा कर लिया है। बोर्ड ने 12 बैठकों में 33 हजार आपत्तियों एवं सुझावों पर लोगों के साथ चर्चा की। इसके अलावा बोर्ड ने समस्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से भी सुझाव मांगे।

विज्ञापन


मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर डीडीए के पास 33 हजार आपत्ति एवं सुझाव भेजे गए थे। डीडीए ने इन आपत्तियों एवं सुझाव पर चर्चा करने के लिए जांच एवं सुनवाई बोर्ड गठित किया। बोर्ड ने करीब सवा माह के दौरान 12 बैठकों में मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर सुनवाई का कार्य पूरा किया। अब डीडीए मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने का कार्य शुरू करेगा। डीडीए के अनुसार दिसंबर माह के मास्टर प्लान को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
विज्ञापन


बोर्ड ने लोगों के साथ घरेलू सेवकों, होम बेस्ड वर्कर्स, प्रवासी श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स से संबंधित मुद्दों और पुनर्वास कालोनियों और अनधिकृत कालोनियों, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, धरोहर स्थल, आश्रय, परिवहन, सामाजिक अवसंरचना, भौतिक अवसंरचना, नई विकास नीतियों, मास्टर प्लान के विजन और लक्ष्यों, वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण, पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर सुनवाई की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बोर्ड ने इसके अलावा यमुना नदी की सफाई और बाढ़ के मैदान, ट्रैफिक जाम, पार्किंग मुद्दे, शहर के पुराने क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास मिश्रित उपयोग, स्ट्रीट, वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए शुल्क, किराये और किफायती आवास के प्रावधान, अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों में सुधार, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं, वहनीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, वेंडिंग गतिविधियां, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मुद्दे, पैदल चलने वालों के लिए सुविधाएं, इलाकों की साफ-सफाई, जल निकासी और सीवरेज सिस्टम, उपयोगिता योजनाओं आदि से संबंधित मामलों पर सुझावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई की है।

इसके अलावा बोर्ड ने विरासत, संस्कृति, सार्वजनिक स्थान, लैंड पूलिंग नीति, ट्रांजिट ओरिएंटिड डेवलेपमेंट (पारगमन उन्मुख विकास), हरित विकास क्षेत्र, पुनर्सृजन नीति, योजना निगरानी और रूपरेखा, मिश्रित उपयोग सड़कों, सुविधा बाजार केंद्र और स्थानीय बाजार केंद्र के विकास से संबंधित मुद्दे, औद्योगिक क्षेत्र के पुनर्विकास के मुद्दे, शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानदंडों में संशोधन, एफएआर से संबंधित विकास नियंत्रण मानदंड, ऊंचाई, ग्राउंड कवरेज, सड़क की चौड़ाई, पार्किंग मसलों पर भी लोगों के सुझावों पर चर्चा की।

दिव्यांगों को डीडीए से घर लेना पड़ रहा महंगा
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के माध्यम से ऋण पर दिव्यांगों को घर लेना काफी महंगा पड़ रहा है। उन्हें बाहरी एजेंसियों से ऋण लेने की तुलना में डीडीए के माध्यम से ऋण लेने पर पांच प्रतिशत अधिक ब्याज देना पड़ेगा। इसका खुलासा एक आरटीआई के जवाब में हुआ है।

आशीष कुमार शर्मा नामक व्यक्ति ने बताया कि डीडीए की ओर से दिव्यांगों को रियायती दर पर घर उपलब्ध कराने का वादा किया जा रहा है। इतना ही नहीं डीडीए उन्हें किस्तों पर घर की पेशकश कर रहा हैं। इस संबंध में उनकी ओर से लगाई गई एक आरटीआई का डीडीए ने आश्चर्यजनक जवाब आया।

15 प्रतिशत का लग रहा ब्याज
डीडीए ने बताया कि वह 15 प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण उपलब्ध कराते है, जबकि बाहरी एजेंसियां अधिकतम 10 प्रतिशत की दर से ऋण दे रही हैं। उन्होंने खुलासा किया कि डीडीए ने अपने ब्रोशर में इस तथ्य को छुपा रखा हैं। उनका माननना है कि डीडीए के प्रस्तावित 10 लाख के घर के लिए अतिरिक्त राशि की गणना करने पर 15 साल की किश्त पर एक दिव्यांग को बाहरी बैंक से ऋण लेने वाले सामान्य व्यक्ति की तुलना में लगभग 10 से 15 लाख अधिक का भुगतान करना पड़ता है। इस बारे में उन्होंने पीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed