{"_id":"611179428ebc3e73422d4626","slug":"dcw-summon-delhi-police-for-not-taking-action-over-derogatory-remarks-against-women-of-a-particular-religion-ashram-news-noi598367550","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशेष समुदाय की महिलाओं पर टिप्पणी के मामले में पुलिस को समन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशेष समुदाय की महिलाओं पर टिप्पणी के मामले में पुलिस को समन
विज्ञापन
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग ने एक विशेष समुदाय की महिलाओं पर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के उपायुक्त को समन जारी किया है। आयोग ने जांच अधिकारी को 18 अगस्त को तलब किया है। आयोग ने दिल्ली पुलिस से आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर पांच अगस्त तक रिपोर्ट मांगी थी, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
महिला आयोग के अनुसार उसके पास कुछ लोगों द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विशेष समुदाय की महिलाओं के बारे में कथित रूप से अपमानजनक संदेश पोस्ट करने की शिकायतें आई थीं। इनमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने एक विशेष समुदाय की महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के लिए लोगों को उकसाते हुए सोशल मीडिया पर संदेश पोस्ट किए। इतना ही नहीं, उन्होंने कुछ महिलाओं के नाम और संपर्क नंबर भी पोस्ट किए हैं, जिसमें उन्होंने लोगों से इन महिलाओं का बलात्कार करने के लिए कहा है।
आयोग ने इस मामले में दो अगस्त को दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजकर दर्ज की गई प्राथमिकी की प्रति, मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण और किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने के कारणों सहित आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पांच अगस्त तक जानकारी मांगी थी।
विज्ञापन
महिला आयोग के अनुसार इस मामले में पुलिस के पास उसने 250 शिकायतें भेजी थीं, जबकि पुलिस ने अपने जवाब में कहा है कि उसके पास कोई शिकायत नहीं की गई है। इस कारण वह कार्रवाई नहीं कर सकते। इस मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को समन जारी कर जांच अधिकारी को तलब किया है।
विज्ञापन
महिला आयोग के अनुसार उसके पास कुछ लोगों द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विशेष समुदाय की महिलाओं के बारे में कथित रूप से अपमानजनक संदेश पोस्ट करने की शिकायतें आई थीं। इनमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने एक विशेष समुदाय की महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के लिए लोगों को उकसाते हुए सोशल मीडिया पर संदेश पोस्ट किए। इतना ही नहीं, उन्होंने कुछ महिलाओं के नाम और संपर्क नंबर भी पोस्ट किए हैं, जिसमें उन्होंने लोगों से इन महिलाओं का बलात्कार करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
आयोग ने इस मामले में दो अगस्त को दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजकर दर्ज की गई प्राथमिकी की प्रति, मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण और किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने के कारणों सहित आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पांच अगस्त तक जानकारी मांगी थी।
विज्ञापन
महिला आयोग के अनुसार इस मामले में पुलिस के पास उसने 250 शिकायतें भेजी थीं, जबकि पुलिस ने अपने जवाब में कहा है कि उसके पास कोई शिकायत नहीं की गई है। इस कारण वह कार्रवाई नहीं कर सकते। इस मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को समन जारी कर जांच अधिकारी को तलब किया है।