फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Two Delhi Police constables were working for gangsters jailed after arrest

उलटी गंगा : गैंगस्टर्स के लिए काम कर रहे थे दिल्ली पुलिस के दो सिपाही, गिरफ्तारी के बाद जेल

Sat, 16 Oct 2021 06:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 16 Oct 2021 06:25 AM IST
सार

बदमाशों को कमरा दिलाने में की थी मदद। पूछताछ में कबूला कि रोहतक के पास 32 लाख की लूट के लिए भी की थी मुखबिरी। 

विज्ञापन
Two Delhi Police constables were working for gangsters jailed after arrest
रोहिणी कोर्ट में शूटआउट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रोहिणी कोर्ट में 24 अक्तूबर को हुए शूटआउट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की मौत का बदला लेने गए शूटरों की सहायता करने के मामले में दिल्ली पुलिस के दो सिपाहियों चरखी दादरी निवासी दीपक और सुनील को गिरफ्तार किया है। दोनों ने चार में से दो शूटरों को ककरौला में किराए पर कमरा दिलाया था।
विज्ञापन


पूछताछ में इन्होंने कबूला कि रोहतक के पास हुई 32 लाख रुपये की लूट के लिए भी उन्होंने मुखबिरी की थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने दोनों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। इन्हें जल्द ही नौकरी से बर्खास्त करने की संभावना है।
विज्ञापन


स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, सिपाही सुनील दिल्ली पुलिस की सुरक्षा विंग व दीपक सरोजनी नगर थाने में तैनात था। परमिंदर उर्फ काला नाम के व्यक्ति के जरिये ये गोगी और उसके साथियों के लिए काम कर रहे थे। ये कई आपराधिक वारदात में लिप्त रहे हैं। स्पेशल सेल ने तीन अक्तूबर को जितेंद्र गोगी गिरोह के चार शूटरों अनुज उर्फ मोहित, सागर राणा उर्फ काला, हर्ष उर्फ मिथुन और सुमित उर्फ कालू को गिरफ्तार किया था। ये टिल्लू ताजपुरिया की कस्टडी में हत्या करने आए थे। इनको टिल्लू गिरोह के तीन बदमाशों की भी हत्या करनी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन शूटरों ने पूछताछ में बताया कि उनमें से दो को सिपाही दीपक ने परमिंदर उर्फ काला के कहने पर ककरौला में किराए पर कमरा दिलाया था। उस समय दीपक ने मकान मालिक से कहा था कि वह दिल्ली पुलिस में सिपाही है। उसने अपना आई-कार्ड भी दिखाया था। इस कारण मकान मालिक ने दोनों शूटरों का पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया था। दीपक परमिंदर उर्फ काला के कहने पर सारे काम करता था। परमिंदर गोगी गिरोह के बदमाशों से जुड़ा हुआ था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ समय पहले रोहतक के पास 32 लाख रुपये की लूट हुई थी। पीड़ित के बारे में जानकारी सिपाही दीपक ने दी थी। दीपक ने परमिंदर को और उसने गोगी गिरोह के बदमाशों को सूचना दी थी। बताया जा रहा है कि एक बार हरियाणा पुलिस इनको दिल्ली से उठाकर ले गई थी। वहां से दोनों बचकर आ गए थे। 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिपाही दीपक बहुत ज्यादा शराब पीने का आदी है। अक्सर वह नशे में पत्नी और अपने बच्चों के साथ मारपीट करता है। उसने ही सुनील को अपने पास बुलाया था। दीपक के कहने पर सुनील उसके साथ काम करने लगा। दोनों की सालों से दोस्ती है। 


सिपाही दीपक पर बदमाशों को हथियार सप्लाई करने का आरोप है। उसने बदमाशों को कई बार हथियार उपलब्ध कराए थे। बताया जा रहा है कि दीपक पर बहुत ज्यादा कर्जा है। इसे उतारने के लिए वह बदमाशों का साथ देने लगा। परमिंदर हाथ नहीं आया है। स्पेशल सेल दोनों सिपाहियों को रिमांड पर लेना चाहती थी, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed