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सजा पूरी होने से पहले कितने दुष्कर्म के दोषियों को छोड़ा गया
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सजा पूरी होने से पहले दुष्कर्म के कितने दोषियों को छोड़ा गया
- दिल्ली महिला आयोग ने तिहाड़ जेल और दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग ने दुष्कर्म मामले के दोषियों को सजा पूरी होने से पहले अच्छे आचरण के कारण छोड़े जाने वालों की जानकारी तिहाड़ जेल और दिल्ली पुलिस से मांगी है। वर्ष 2018 में मुंबई में नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसे मारने वाले दोषी को अच्छे आचरण पर छह माह पहले ही छोड़े जाने के मामले में आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने संज्ञान लेते हुए तिहाड़ जेल के महानिदेशक और दिल्ली के सभी जिलों के पुलिस उपायुक्तों को नोटिस जारी किया है।
नोटिस में पूछा कि बीते 10 वर्षों में कितने लोगों को दुष्कर्म के लिए दोषी ठहराया गया और उनको सजा पूरी होने से पहले ही छोड़ दिया गया। साथ ही संगीन जुर्म करने के बावजूद उनको छोड़ने की जानकारी भी देने को कहा है। उन अफसरों की जानकारी भी मांगी है, जिन्होंने उनको छोड़ने की अनुमति दी। आयोग ने पूछा है कि जेल प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं, जिससे कि वह ऐसा अपराध दोबारा ना करें।
नोटिस में आयोग ने वर्तमान में बने हुए दिशा निर्देशों और अधिकारियों द्वारा उठाए गए ऐसे कदमों की जानकारी मांगी है। आयोग ने तिहाड़ जेल प्रशासन व पुलिस को यह जानकारी देने के लिए 10 दिन का समय दिया है। जानकारी नहीं देने पर आयोग उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
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आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि अच्छे आचरण पर अधिकारी दुष्कर्म के दोषी को कैसे जल्दी छोड़ सकते हैं। उन्हें कैसे पता चला कि पांच साल की सजा के बाद वह बदल गया। विकसित देशों में गंभीर मामलों में दोषी लोगों के जमानत पर छूटने पर उन पर नजर रखी जाती है। हमारा प्रयास है कि यहां भी कोई मजबूत व्यवस्था बने।
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- दिल्ली महिला आयोग ने तिहाड़ जेल और दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग ने दुष्कर्म मामले के दोषियों को सजा पूरी होने से पहले अच्छे आचरण के कारण छोड़े जाने वालों की जानकारी तिहाड़ जेल और दिल्ली पुलिस से मांगी है। वर्ष 2018 में मुंबई में नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसे मारने वाले दोषी को अच्छे आचरण पर छह माह पहले ही छोड़े जाने के मामले में आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने संज्ञान लेते हुए तिहाड़ जेल के महानिदेशक और दिल्ली के सभी जिलों के पुलिस उपायुक्तों को नोटिस जारी किया है।
नोटिस में पूछा कि बीते 10 वर्षों में कितने लोगों को दुष्कर्म के लिए दोषी ठहराया गया और उनको सजा पूरी होने से पहले ही छोड़ दिया गया। साथ ही संगीन जुर्म करने के बावजूद उनको छोड़ने की जानकारी भी देने को कहा है। उन अफसरों की जानकारी भी मांगी है, जिन्होंने उनको छोड़ने की अनुमति दी। आयोग ने पूछा है कि जेल प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं, जिससे कि वह ऐसा अपराध दोबारा ना करें।
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नोटिस में आयोग ने वर्तमान में बने हुए दिशा निर्देशों और अधिकारियों द्वारा उठाए गए ऐसे कदमों की जानकारी मांगी है। आयोग ने तिहाड़ जेल प्रशासन व पुलिस को यह जानकारी देने के लिए 10 दिन का समय दिया है। जानकारी नहीं देने पर आयोग उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
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आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि अच्छे आचरण पर अधिकारी दुष्कर्म के दोषी को कैसे जल्दी छोड़ सकते हैं। उन्हें कैसे पता चला कि पांच साल की सजा के बाद वह बदल गया। विकसित देशों में गंभीर मामलों में दोषी लोगों के जमानत पर छूटने पर उन पर नजर रखी जाती है। हमारा प्रयास है कि यहां भी कोई मजबूत व्यवस्था बने।