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दिल्ली : रहेजा बिल्डर के खिलाफ कोर्ट ने दो एफआईआर के आदेश दिए, जालसाजी और धोखाधड़ी का है मामला
Sat, 16 Apr 2022 01:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 16 Apr 2022 01:21 AM IST
सार
गुरुग्राम में धोखाधड़ी और जालसाजी से फ्लैट तथा दुकान दूसरों को बेचने का है मामला। पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो अदालत पहुंचे याची।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
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विस्तार
दिल्ली की अदालत ने पुलिस को रियल एस्टेट डेवलपर रहेजा बिल्डर पर जालसाजी और धोखाधड़ी के लिए दो प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के आदेश दिए हैं। बिल्डर पर पहले से बिके फ्लैटों को दूसरों को बेचने का आरोप है।
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चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार की अदालत ने पैरामाउंट इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और कोरेरिया सिक्यूरिटीज प्राइवेट लिमिटेड की दो अलग-अलग शिकायतों पर रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ आदेश पारित किया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) का प्रतीत होता है।
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जज ने कहा, शिकायत करने वालों ने जो आरोप लगाए हैं वे संज्ञेय अपराध हैं, इस मामले की जांच जरूरी है। पुलिस जांच से वे सब दस्तावेज तथा सुबूत मिल जाएंगे जो याची खुद नहीं जुटा सकते। 8 अप्रैल को पारित आदेश में अदालत ने कहा, जांच अधिकारी को शिकायत देने वालों की भूमिका की भी जांच करनी चाहिए। जज ने एफआईआर की कापी दस दिन के अंदर पेश करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 11 मई तय की है।
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पहले शिकायतकर्ता पैरामाउंट इंफ्राटेक के अनुसार उन्होंने गुरुग्राम में सोहना रोड पर सेक्टर-47 रहेजा माल में 13 यूनिट बुक कराई थीं। इसके लिए कंपनी ने 6.75 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया था। बाद में पता चला कि आरोपी ने इनमें से एक दुकान को तीसरे पक्ष को बिना उनकी अनुमति के बेच दिया है। इसके अलावा पैरामाउंट ने रहेजा की परियोजनाओं में पांच अलग यूनिट बुक कराई थीं। उन्हें भी किसी और कंपनी के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। जबकि जरूरी भुगतान किया जा चुका था।
दूसरे याची कोरेरिया सिक्यूरिटीज ने रहेजा के प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट बुक कराए थे। बाद में पता चला कि दो फ्लैट किसी और को बेच दिए गए हैं। शिकायतकर्ता जब पुलिस के पास गए तो कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।