{"_id":"5f8f36a98ebc3e9b7b6a6e48","slug":"court-issues-notice-36-foreign-tablighis-ashram-news-noi5437455194","type":"story","status":"publish","title_hn":"तबलीगी जमात मामला: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की याचिका पर 36 विदेशी नागरिकों से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तबलीगी जमात मामला: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की याचिका पर 36 विदेशी नागरिकों से मांगा जवाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। अदालत ने तब्लीगी जमात मामले में विदेशियों को आरोपमुक्त करने के फैसले दिल्ली पुलिस ने चुनौती दी है। कोर्ट ने आरोपमुक्त हुए 36 विदेशी नागरिकों से पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा है।
साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 36 विदेशी नागरिकों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे मामले की अगली सुनवाई 23 अक्तूबर तक अपना जवाब दाखिल करें।
दिल्ली पुलिस ने याचिका में कहा है कि मजिस्ट्रेट अदालत ने इन विदेशियों को अवैध रूप से तब्लीगी जमात में शामिल होने, वीजा नियमों का उल्लंघन, कोरोना महामारी पर सरकारी आदेशों के उल्लंघन और कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए लागू नियमों के उल्लंघन के आरोपों से मुक्त कर दिया। पुलिस ने कहा कि इन विदेशियों को आरोपों से मुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने कहा कि इनके खिलाफ उन धाराओं में भी आरोप तय होने चाहिए, जिनमें तय नहीं किए गए। अदालत ने इनके खिलाफ 24 अगस्त को अन्य धाराओं में आरोप तय किए थे। इन्हें समझौता याचिका के तहत बरी कर दिया गया था।
निजामुद्दीन मरकज में मार्च में आयोजित तब्लीगी जमात में देशी और विदेशी जमातियों ने अवैध रूप से हिस्सा लिया था। इसकी खबर मिलने पर पुलिस ने 900 से अधिक विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था। इसके बाद इन्हें क्वारंटीन भी किया गया, लेकिन कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन्हें अदालती कार्यवाही में शामिल किया गया था। अब तक लगभग अन्य सभी विदेशी नागरिकों को बरी किया जा चुका है।
विज्ञापन
साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 36 विदेशी नागरिकों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे मामले की अगली सुनवाई 23 अक्तूबर तक अपना जवाब दाखिल करें।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने याचिका में कहा है कि मजिस्ट्रेट अदालत ने इन विदेशियों को अवैध रूप से तब्लीगी जमात में शामिल होने, वीजा नियमों का उल्लंघन, कोरोना महामारी पर सरकारी आदेशों के उल्लंघन और कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए लागू नियमों के उल्लंघन के आरोपों से मुक्त कर दिया। पुलिस ने कहा कि इन विदेशियों को आरोपों से मुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने कहा कि इनके खिलाफ उन धाराओं में भी आरोप तय होने चाहिए, जिनमें तय नहीं किए गए। अदालत ने इनके खिलाफ 24 अगस्त को अन्य धाराओं में आरोप तय किए थे। इन्हें समझौता याचिका के तहत बरी कर दिया गया था।
निजामुद्दीन मरकज में मार्च में आयोजित तब्लीगी जमात में देशी और विदेशी जमातियों ने अवैध रूप से हिस्सा लिया था। इसकी खबर मिलने पर पुलिस ने 900 से अधिक विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था। इसके बाद इन्हें क्वारंटीन भी किया गया, लेकिन कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन्हें अदालती कार्यवाही में शामिल किया गया था। अब तक लगभग अन्य सभी विदेशी नागरिकों को बरी किया जा चुका है।