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दिल्ली हाईकोर्ट : फैजान मामले में आरोपपत्र दाखिल न करने पर अदालत ने जताई नाराजगी

Wed, 16 Mar 2022 04:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 16 Mar 2022 04:36 AM IST
सार

अदालत ने पुलिस को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि अब तक आरोप पत्र क्यों नहीं दाखिल किया गया। साथ ही दिल्ली पुलिस से कहा कि वह बिना किसी प्रभाव में आए कानून सम्मत जांच करे।

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Court expressed displeasure over not filing chargesheet in Faizan case
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली दंगों के दौरान फैजान नामक युवक को राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर करने और उसकी मौत मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं करने पर दिल्ली पुलिस के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने पुलिस को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि अब तक आरोप पत्र क्यों नहीं दाखिल किया गया। साथ ही दिल्ली पुलिस से कहा कि वह बिना किसी प्रभाव में आए कानून सम्मत जांच करे।

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न्यायाधीश चंद्रधारी सिंह मृतक युवक की मां की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाए। जांच एजेंसी से कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उसकी याचिका में दिए गए सुझावों पर गौर करे।
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 वर्ष 2020 के दिल्ली दंगे के दौरान हुई इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें फैजान को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा पीटते हुए और उसे राष्ट्रगान गाने को मजबूर करते देखा गया है। फैजान की मां किस्मतुन ने दावा किया है कि पुलिस ने उनके बेटे को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया और उससे मारपीट की गई।
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खालिद की जमानत याचिका पर फैसला 24 तक के लिए स्थगित
अदालत ने मंगलवार को दिल्ली दंगों के आरोपी एवं यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य खालिद सैफी की जमानत याचिका पर फैसला 24 तक के लिए स्थगित कर दिया।  कोर्ट ने पिछले महीने सैफी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन और दिल्ली पुलिस की और से पेश विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद के तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

इशरत ने चक्काजाम की साजिश रची न किसी संगठन की सदस्य

दिल्ली दंगों की आरोपी इशरत जहां ने न तो राजधानी में चक्काजाम करने की साजिश रची और न ही वह किसी भी संगठन या व्हाट्सएप ग्रुप की सदस्य है, जिसने पूरी साजिश में भूमिका निभाई है। अदालत ने आरोपी जहां को जमानत प्रदान करते हुए उक्त टिप्पणी की। जहां को अदालत ने सोमवार को जमानत प्रदान की थी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने अपने फैसले में कहा कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और आपराधिक संहिता के तहत प्रतिबंधों के बावजूद उसे राहत देने का ठोस आधार है।  अदालत ने कहा, अगर यह स्वीकार किया जाता है कि अमानुल्लाह, खालिद सैफी, तसलीम, नताशा नरवाल और सफूरा जरगर जैसे अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ उसका संपर्क था, तो तथ्य यह था कि वह न तो उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों के लिए शारीरिक रूप से मौजूद थी और न किसी समूह का हिस्सा थी।

अदालत ने कहा, वह जामिया या जामिया समन्वय समिति (जेसीसी ),  पिंजर टॉड, छात्र या जामिया के पूर्व छात्र संघ या दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप के मुस्लिम छात्रों की सदस्य नहीं हैं।

बिना अनुमति क्रिकेट मुकाबलों को स्ट्रीम करने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने के आदेश

उच्च न्यायालय ने बिना अनुमति के क्रिकेट मुकाबलों को स्ट्रीम (ऑनलाइन दिखाना) करके ऑनलाइन पाइरेसी से जुड़ी कुछ वेबसाइट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। 26 मार्च से शुरू हो रहे इंडियन प्रीमियर लीग टी20 टूर्नामेंट, टाटा आईपीएल 2022 को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के निवेश की रक्षा करने की जरूरत है। सुनिश्चित करना होगा कि ये वेबसाइट टाटा आईपीएल 2022 के क्रिकेट मुकाबलों को गैरकानूनी तरीके से स्ट्रीम नहीं कर पाएं।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने 11 मार्च के आदेश में कहा अदालत प्रथम दृष्टया इस बात से संतुष्ट है कि ऐसी वेबसाइटों पर रोक लगाना जरूरी है, जो अचानक से सामने आ जाएं। पाइरेटिड सामग्री दिखाएं या बिना अनुमति के और गैरकानूनी तरीके से टाटा आईपीएल 2022 के मुकाबले स्ट्रीम करना शुरू कर दें। उच्च न्यायालय ने कई इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) को एचटीटीपी: लाइव.फ्लिक्सहबनेट, एनलाइव.फ्लिक्सहब.नेट, एचटीटीपी://टिटिकस्पोर्ट्स.कॉम, एनटिटिकस्पोर्ट्स.कॉम, एचटीटीपी://वीआईपीलीग.आईएम, एनवीआईपीलीग.आईएम, मैक्सस्पोर्ट.वन, गोल.टॉप, एचटीटीपी://टी20डब्ल्यूसी.एनएलएनटी20डब्ल्यूसी.एनएल, एचटीटीपी://वीआईपीस्टैंड.एसई एनवीआईपीस्टैंड.एसई और स्ट्रीम.बीटोलेट.आनलाइन को ब्लॉक करने को कहा है। अदालत ने साथ ही दूरसंचार विभाग (डीओटी) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय को भी इन वेबसाइट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने कहा कि टाटा आईपीएल 2022 के मुकाबलों के अवैध स्ट्रीम करने वाली अन्य वेबसाइटों का पता चलने पर याचिकाकर्ता साक्ष्य के साथ अदालत के समक्ष इस संदर्भ में हलफनामा दायर कर सकता है। अदालत ने स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया है।

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