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मानहानि मामले में भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता व कपिल मिश्रा की याचिका खारिज
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नई दिल्ली। अदालत ने पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन की मानहानि मामले में भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता व भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ मुकदमा शुरू करने के फैसले को उचित ठहराया है। अदालत ने दोनों द्वारा मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक मनजिन्द्र सिंह सिरसा भी आरोपी हैं।
इन सभी ने इमरान हुसैन पर कुछ कालोनियों के पुनर्विकास परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई के लिए प्रतिपूरक वृक्षारोपण में राहत प्रदान करने के लिए 23 करोड़ का भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। इमरान ने इनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
राउज एवेन्यू अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमके नागपाल ने अपने फैसले में एसीएमएम के 9 नवंबर 2020 के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि इसमें कोई भी कोई अवैधता और अशुद्धता नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ संबंधित अदालत ने तथ्यों पर फैसला दिया था और उचित फैसला है। ऐसे में उक्त याचिका विचार योग्य नहीं है और वे उसे खारिज करते हैं।
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अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह ने विजेंद्र गुप्ता, कपिल मिश्रा व सिरसा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने का निर्देेेश देते हुए कहा था कि उन्होंने बिना तथ्यों के याची इमरान के खिलाफ बयानबाजी की थी जिससे उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई।
इमरान ने तर्क रखा था कि आरोपियों ने बिना तथ्यों के उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जिससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई है। उन्होंने कहा कालोनियों के पुनर्विकास योजना के लिए पेड़ों को काटने की मंजूरी तय नियमों के तहत दी गई और इसके लिए किसी को कोई राहत नहीं दी गई थी। ऐसे में तीनों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए।
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इन सभी ने इमरान हुसैन पर कुछ कालोनियों के पुनर्विकास परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई के लिए प्रतिपूरक वृक्षारोपण में राहत प्रदान करने के लिए 23 करोड़ का भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। इमरान ने इनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
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राउज एवेन्यू अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमके नागपाल ने अपने फैसले में एसीएमएम के 9 नवंबर 2020 के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि इसमें कोई भी कोई अवैधता और अशुद्धता नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ संबंधित अदालत ने तथ्यों पर फैसला दिया था और उचित फैसला है। ऐसे में उक्त याचिका विचार योग्य नहीं है और वे उसे खारिज करते हैं।
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अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह ने विजेंद्र गुप्ता, कपिल मिश्रा व सिरसा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने का निर्देेेश देते हुए कहा था कि उन्होंने बिना तथ्यों के याची इमरान के खिलाफ बयानबाजी की थी जिससे उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई।
इमरान ने तर्क रखा था कि आरोपियों ने बिना तथ्यों के उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जिससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई है। उन्होंने कहा कालोनियों के पुनर्विकास योजना के लिए पेड़ों को काटने की मंजूरी तय नियमों के तहत दी गई और इसके लिए किसी को कोई राहत नहीं दी गई थी। ऐसे में तीनों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए।