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पुलिस हिरासत में मौत के मामले में दो सप्ताह में मुआवजे का निर्देश
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने राज्य लीगल सर्विस अथारिटी को पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मृतक की पत्नी को दो सप्ताह में तय नियमों के तहत मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया है। याची महिला के पति को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था और अगले दिन उसकी न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के समक्ष पेश अथारिटी के अधिवक्ता ने बताया कि दिल्ली पीड़ित मुआवजा स्कीम 2018 में हिरासत में मौत मामले में मुआवजे का प्रावधान है। अथॅारिटी सचिव ने कहा कि इस मामले में अभी तक उनके पास कोई भी मुआवजे के लिए आवेदन नहीं आया है। इस स्कीम में पीड़ित व्यक्ति को तीन से 10 लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है।
अदालत ने अथारिटी से कहा कि मृतक की विधवा द्वारा दायर याचिका को ही आवेदन मानते हुए दो सप्ताह में मुआवजा प्रदान किया जाए। अदालत ने इसके अलावा दिल्ली सरकार के अधिवक्ता को पीड़ित पक्ष को मृतक की एमएलसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य सभी दस्तावेज एक सप्ताह में प्रदान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 25 मई तय की है।
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पेश मामले के अनुसार पुलिस ने सलमान को वाहन चोरी के मामले में 11 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। उसे अगले दिन कोर्ट में पेेश किया गया व अदालत ने पाया कि उसकी हालत खराब है वह खड़ा भी नहीं हो पा रहा। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अगले दिन सलमान की मौत हो गई।
मृतक की विधवा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत में उसकी पिटाई की और उसी कारण मौत हुई है। उसने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने व अपने व दो नाबालिग बच्चियों को आधार बनाते हुए मुआवजे की मांग की थी।
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के समक्ष पेश अथारिटी के अधिवक्ता ने बताया कि दिल्ली पीड़ित मुआवजा स्कीम 2018 में हिरासत में मौत मामले में मुआवजे का प्रावधान है। अथॅारिटी सचिव ने कहा कि इस मामले में अभी तक उनके पास कोई भी मुआवजे के लिए आवेदन नहीं आया है। इस स्कीम में पीड़ित व्यक्ति को तीन से 10 लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है।
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अदालत ने अथारिटी से कहा कि मृतक की विधवा द्वारा दायर याचिका को ही आवेदन मानते हुए दो सप्ताह में मुआवजा प्रदान किया जाए। अदालत ने इसके अलावा दिल्ली सरकार के अधिवक्ता को पीड़ित पक्ष को मृतक की एमएलसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य सभी दस्तावेज एक सप्ताह में प्रदान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 25 मई तय की है।
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पेश मामले के अनुसार पुलिस ने सलमान को वाहन चोरी के मामले में 11 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। उसे अगले दिन कोर्ट में पेेश किया गया व अदालत ने पाया कि उसकी हालत खराब है वह खड़ा भी नहीं हो पा रहा। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अगले दिन सलमान की मौत हो गई।
मृतक की विधवा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत में उसकी पिटाई की और उसी कारण मौत हुई है। उसने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने व अपने व दो नाबालिग बच्चियों को आधार बनाते हुए मुआवजे की मांग की थी।