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उन्नाव दुष्कर्म: दिल्ली की अदालत ने पीड़िता को दिए निर्देश- आवश्यक होने पर ही घर से निकलें, सुरक्षा अधिकारी को करें सूचित

Mon, 09 Aug 2021 06:01 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 09 Aug 2021 06:01 PM IST
सार

अदालत ने आवेदन पर विचार करते हुए कहा कि उन्हें आपकी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। आपको इस तरह से योजना बनानी चाहिए कि आपको हर दिन बाहर निकलने की जरूरत न पड़े और जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं।

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court directed Unnao rape survivor to step out only when necessary inform her personal security officers
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अदालत ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता को निर्देश दिया कि जब तक मामला खत्म नहीं हो जाता वह कहीं भी जाने से पहले उसकी सुरक्षा में तैनात सुरक्षा अधिकारियों को सूचित करे। पीड़िता को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई है। इतना ही नहीं वह आवश्यक होने पर ही बाहर निकले।

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने यह निर्देश दुष्कर्म पीड़िता द्वारा दायर एक आवेदन पर जारी किए, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसने अदालत को बताया कि सुरक्षाकर्मी उसे कहीं भी आने जाने से रोक रहे हैं, जो उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है।
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अदालत ने आवेदन पर विचार करते हुए कहा कि उन्हें आपकी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। आपको इस तरह से योजना बनानी चाहिए कि आपको हर दिन बाहर निकलने की जरूरत न पड़े और जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं। जब तक मामला खत्म नहीं हो जाता तब तक आपको सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे में याची को घर से बाहर जाने से पहले सुरक्षा अधिकारी को सूचित करना चाहिए।
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अदालत ने कहा कि पीड़िता व उसके निजी सुरक्षा अधिकारी इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए सहमत हो गए हैं। अदालत ने कहा अभियोजन पक्ष यह सुनिश्चित करे कि जब भी पीड़िता या परिवार के सदस्य किसी लंबित मामले के संबंध में दिल्ली से बाहर जाना चाहते हैं, वे सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट को इसकी सूचना देंगे ताकि उचित सुरक्षा व्यवस्था और एस्कॉर्ट्स बनाए जा सकें। अदालत ने कहा यदि पीड़िता या परिवार के सदस्य लंबित मामलों के लिए अपने वकील से मिलना चाहते हैं, तो वे एक दिन पहले कार्यक्रम के संबंध में सूचित करने का प्रयास करेंगे। 


आरोप है कि महिला जब वह नाबालिग थी का अपहरण कर भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने 2017 में दुष्कर्म किया था। अदालत ने 20 दिसंबर, 2019 को सेंगर को दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा अदालत ने पीड़िता, उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्यों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था।

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