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मौजूद है महामारी : खत्म नहीं हुआ कोरोना का प्रकोप, म्यूटेशन अधिक
Fri, 11 Feb 2022 04:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 11 Feb 2022 04:26 AM IST
सार
वायरस में म्यूटेशन काफी अधिक हैं। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि टीकाकरण की वजह से ओमिक्रॉन जैसी महामारी की आगामी लहर आबादी के एक बड़े हिस्से को कमजोर रह सकती है। लेकिन वायरस अभी भी एक वर्ग के लिए जोखिम बना हुआ है।
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कोरोना वायरस
- फोटो : social media
विस्तार
संक्रमण में गिरावट के साथ ही जनजीवन सामान्य होने लगा है। लोग मानने लगे हैं कि कोरोना का प्रकोप खत्म हो गया है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है।
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वायरस में म्यूटेशन काफी अधिक हैं। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि टीकाकरण की वजह से ओमिक्रॉन जैसी महामारी की आगामी लहर आबादी के एक बड़े हिस्से को कमजोर रह सकती है। लेकिन वायरस अभी भी एक वर्ग के लिए जोखिम बना हुआ है।
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डॉ. सुरेश ने कहा कि कोरोना से छुटकारा मिलने की संभावना नहीं जताई जा सकती। डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट हल्का रहा। दूसरी लहर की तुलना में मृत्युदर और अस्पतालों में भर्ती होने की दर काफी कम देखने को मिली थी लेकिन वायरस में काफी म्यूटेशन हैं। इसके चलते भविष्य में महामारी किस ओर जाएगी? इसके बारे में भविष्यवाणी नहीं कर सकते।
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उन्होंने बताया कि लोकनायक अस्पताल देश का सबसे बड़ा कोविड केंद्र रहा। यहां अब तक सभी लहर को मिलाकर 21 हजार से अधिक कोरोना मरीज रिकवर होकर अपने घर लौटे हैं। यहां करीब 30 हजार से अधिक मरीज भर्ती हुए थे जिनमें से तीन हजार से अधिक मरीजों की मौत भी हुई। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की वजह से कोरोना बीमारी की गंभीरता कम हुई है। 75 फीसदी से ज्यादा आबादी टीकाकरण करवा चुकी है।