फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Constable sacked for posting derogatory against Prime Minister-Home Minister supported farmer movement

दिल्ली: प्रधानमंत्री-गृहमंत्री के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में कांस्टेबल बर्खास्त, किसान आंदोलन का किया था समर्थन 

Fri, 29 Oct 2021 04:34 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Fri, 29 Oct 2021 04:34 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस के एक सिपाही को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया। सिपाही उत्तरी दिल्ली जिला के सब्जी मंडी थाने में तैनात था।

विज्ञापन
Constable sacked for posting derogatory against Prime Minister-Home Minister supported farmer movement
दिल्ली पुलिस - फोटो : Social Media

विस्तार

सोशल मीडिया पर किसान आंदोलन के पक्ष में और प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने वाले दिल्ली पुलिस के एक सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त सिपाही मनीष मीणा उत्तर जिले के सब्जी मंडी थाने में तैनात था। 

विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों को सोशल मीडिया दिशानिर्देशों के बारे में सूचित किया है और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकारी नीतियों की आलोचना करने से परहेज करने को कहा है। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा की आईटी विंग इसपर निगरानी रखती है।
विज्ञापन

 
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक आईटी विंग ने सब्जी मंडी में तैनात एक सिपाही मनीष मीणा को ट्विटर और फेसबुक पर सरकार की कई नीतियों की आलोचना करते हुए पाया। मनीष मीणा ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट को सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। वहीं किसान आंदोलन के पक्ष में भी लिखा था। सोशल मीडिया पर मनीष मीणा ने किसानों के पक्ष में पोस्ट में लिखा था कि किसान विरोधी पार्टियों को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। आंदोलन को कुचलने में असफल हो गए तो अब किसानों को कुचल रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नौ अक्तूबर को मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए उत्तरी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनीता रॉय को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। अपनी जांच में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने सिपाही को दोषी पाया। जांच रिपोर्ट को पुलिस के आला अधिकारियों को सौंपा गया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने 27 अक्तूबर को सिपाही को बर्खास्त कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed