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सत्येंद्र जैन का दावा: दिल्ली को एनटीपीसी से आधी बिजली भी नहीं मिल रही, केंद्र समस्या मानेगा तभी निकलेगा समाधान 

Mon, 11 Oct 2021 03:07 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 11 Oct 2021 03:07 PM IST
सार

ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि किसी भी पावर प्लांट में 15 दिन से कम का स्टॉक नहीं होना चाहिए। अभी ज्यादातर प्लांट में दो-तीन दिन का स्टॉक बचा है। एनटीपीसी के सारे प्लांट 55-50 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहे हैं।

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Coal and Electricity crisis in Delhi minister Satyendra Jain gives latest update on power plants
सत्येंद्र जैन - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली को मिलने वाली बिजली में कटौती पर दिल्ली सरकार ने चिंता जाहिर की है। कहा है कि राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) से दिल्ली को आधी बिजली भी नहीं मिल पा रही है। प्रतिदिन करीब 4000 मेगावाट बिजली मिलती थी, लेकिन इन दिनों इसमें कटौती कर दी गई है। जबकि दिल्ली सरकार का सबसे ज्यादा पावर परचेज एग्रीमेंट एनटीपीसी के साथ है।
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दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने बिजली के संकट को लेकर चिंता जाहिर की है। कहा कि पूरे देश में बिजली का संकट है। केंद्र सरकार से जैन ने पूछा कि अगर बिजली का संकट नहीं है तो पूरे देश में बिजली के कट क्यों लग रहे हैं? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार को पत्र क्यों लिखा?
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प्रधानमंत्री को चिट्ठी क्यूं लिख रहे सीएम 
जैन ने यह भी कहा कि देश में बिजली का संकट है और केंद्र सरकार जब इसे समस्या मानेगी तभी इसका समाधान निकल पाएगा। जैन ने कहा कि किसी भी पावर प्लांट में 15 दिन से कम का स्टॉक नहीं होना चाहिए। अभी ज्यादातर प्लांट में 2-3 दिन का स्टॉक बचा है। केंद्र सरकार ये बताए कि एनटीपीसी के सारे प्लांट जब 50 से 55 फीसद क्षमता पर काम कर रहे हैं तो फिर कोयले की कमी कैसे उत्पन्न हो रही है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के देश में बिजली संकट न होने के बयान पर का जवाब देते हुए सत्येंद्र जैन ने कहा कि अगर केंद्र सरकार कह रही है कि बिजली का संकट नहीं है तो देश के अलग-अलग मुख्यमंत्री इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री को चिट्ठी क्यूं लिख रहे हैं? इस समय कोयले की बहुत बड़ी समस्या है। समस्या है तभी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पत्र लिखा गया है। 
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बिजली की मांग इन दिनों घटी
जैन ने कहा कि फिलहाल बिजली की मांग कम है। एक समय पर बिजली की मांग 7300 मेगावाट से भी ज्यादा थी, जो आज के समय में घट कर 4562 मेगावाट हो गई है। मांग कम होने के बाद भी हमें बिजली 17 से 20 रुपए की दर पर खरीदनी पड़ रही है। दिल्ली सरकार के सबसे ज्यादा पावर परचेज एग्रीमेंट एनटीपीसी के साथ है, लेकिन उन्होंने अपने प्लांट में बिजली उत्पादन क्षमता 50 फीसद कर दी है। एग्रीमेंट के हिसाब से एनटीपीसी को साल में 85 फीसद समय पूरी बिजली देनी होती है और 15 फीसद समय यह 55 फीसद तक बिजली जा सकती है। लेकिन ऐसा एक साथ सभी प्लांट के लिए नहीं कर सकते हैं।
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