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Yamuna River: केजरीवाल ने कहा- यमुना की सफाई को लेकर गंभीर है सरकार, देश के सबसे बड़े कोरोनेशन प्लांट से होगा काम
Thu, 02 Jun 2022 06:51 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 02 Jun 2022 06:51 AM IST
सार
दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई व राजधानी में 24 घंटे शुद्ध पानी की आपूर्ति करने के लिए कवायद तेज कर दी है। इस कड़ी में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सात परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया।
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि राजधानी में देश के सबसे बड़े कोरोनेशन प्लांट से यमुना साफ होगी। इस योजना से दिल्ली में पानी की मांग भी पूरी करने में मदद मिलेगी। दरअसल कोरोनेशन एसटीपी से पानी एडवांस ट्रीटमेंट प्लांट में लाया जाएगा।
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इसके बाद यह पानी यमुना के जरिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा और 50-60 एमजीडी पानी पीने में इस्तेमाल हो सकेंगे। इस तरह कोरोनेशन एसटीपी से एक तरफ सीवर के साथ-साथ यमुना साफ होगी और दूसरी तरफ पीने के पानी में भी वृद्धि होगी। बुराड़ी में पहला कोरोनेशन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है और ओखला में इससे भी बड़ा प्लांट बनाया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को बुराडी में स्थापित कोरोनेशन प्लांट का निरीक्षण किया। यह 70 एमजीडी क्षमता का प्लांट पूरी तरह से ऑटोमैटिक है, इसमें स्काडर सिस्टम है, जिसके जरिए कोई भी बटन दबाकर कहीं भी पूरे प्लांट में किसी भी मशीन को चालू किया जा सकता है और किसी भी मशीन को बंद किया जा सकता है। इस कोरोनेशन एसटीपी से 70 एमजीडी पानी ट्रीट होकर निकल रहा है। इस पानी को और साफ किया जाएगा। इसके लिए जहांगीरपुरी ड्रेन की तरफ एक और एडवांस ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। इसके बाद पानी पल्ला लेकर जाया जाएगा और वहां पानी यमुना के जरिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आएगा। यह तकनीक सिंगापुर में इस्तेमाल की जाती है, वहां इसको न्यू वाटर कहते हैं। उसी आधार पर दिल्ली में भी हम इस्तेमाल कर रहे है।
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उन्होंने कहा कि इस पानी का पीने में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है। हमें केंद्र सरकार से भी इसके लिए अनुमति मिल गई है। हम दो-तीन साल से इसके लिए लगे हुए थे। अपर यमुना रिवर बोर्ड (यूवाईआरबी) ने सारे पैरामीटर्स की जांच की है। दिल्ली में कोरोनेशन का यह पहला प्लांट है। ओखला में इससे भी बड़ा प्लांट बन रहा है। वह 120 एमजीडी क्षमता का प्लांट है।
यमुना नदी की सफाई व 24 घंटे शुद्ध पानी की आपूर्ति करने के लिए कवायद तेज हुई
दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई व राजधानी में 24 घंटे शुद्ध पानी की आपूर्ति करने के लिए कवायद तेज कर दी है। इस कड़ी में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सात परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बादशाहपुर ड्रेन आउटफॉल, पप्पन कलां झील, द्वारका डब्ल्यूटीपी झील, न्यू द्वारका डब्ल्यूटीपी, कोरोनेशन पिलर डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी, रिठाला एसटीपी, रोहिणी एसटीपी व झील का निरीक्षण किया।
सौरभ भारद्वाज ने नजफगढ़ के पास बादशाहपुर ड्रेन आउटफॉल का निरीक्षण करने के दौरान बताया कि वर्तमान में 95 एमजीडी प्रदूषित पानी नजफगढ़ ड्रेन में छोड़ा जाता है और यह पानी यमुना में मिलता है, मगर हरियाणा से आने वाले इस 95 एमजीडी सीवेज के पानी को इन-सीटू तकनीक के जरिए ट्रीट किया जाएगा है, इससे नए एसटीपी बनाने की लागत बचेगी। पप्पन कलां झील सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) प्रोजेक्ट का जायजा लेने के दौरान उन्होंने बताया कि क्षेत्र में घटते भूजल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से यहां एक आर्टिफिशियल झील विकसित की जा रही है।
उन्होंने द्वारका डब्ल्यूटीपी झील के निरीक्षण के दौरान कहा कि पप्पन कलां वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए द्वारका डब्ल्यूटीपी झील का निर्माण किया जा रहा है। पप्पनकलां की झील-2 से ट्रीटेड वाटर को द्वारका डब्ल्यूटीपी झील की ओर मोड़ दिया जाएगा। वहीं द्वारका वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) के बनने के बाद द्वारका और आसपास के क्षेत्रों की पानी की मांग को पूरा किया जा सकेगा।