बदलाव: दिल्ली में बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनने के लिए पिता का सर्टिफिकेट जरूरी नहीं, अब मां के कागज ही पर्याप्त
दिल्ली में सिंगल मदर के नाम से भी बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनेगा। इसकी शुरुआत दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीते मंगलवार को करोल बाग निवासी एक सिंगल मदर गीता देवी के एससी-एसटी जाति प्रमाण पत्र को सौंप कर की थी।
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दिल्ली में मां के आधार पर बच्चों के प्रमाण पत्र बनने शुरू हो गए हैं। पहले बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनने के लिए पिता का प्रमाण पत्र लगना अनिवार्य था। अब सिंगल मदर्स को अपने बच्चों के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी हद तक परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
रेखा नामक महिला ने बताया, "मैं एक सिंगल मदर हूं। अब प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है, इससे मेरी बच्ची को सरकार की सभी सुविधाएं मिलेंगी।"
दिल्ली में सिंगल मदर के नाम से भी बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनेगा। इसकी शुरुआत दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीते मंगलवार को करोल बाग निवासी एक सिंगल मदर गीता देवी के एससी-एसटी जाति प्रमाण पत्र को सौंप कर की थी। दिल्ली में पहली बार बच्चों को उनकी माता के प्रमाण पत्र के आधार पर अनूसूचित जाति-जनजाति के प्रमाण पत्र दिया गया है।
किसे कहते हैं सिंगल मदर
'सिंगल मदर' वो महिलाएं होती हैं, जिन्हें उनके पति द्वारा निष्काषित कर दिया जाता है, जिन्हें पति ने तलाक दे दिया हो या फिर उनके पति ने किसी दूसरी महिला से शादी कर ली हो। ऐसी महिलाओं के बच्चों को ही माता के एससी-एसटी वर्ग प्रमाण पत्र के आधार पर एससी-एसटी वर्ग का प्रमाण पत्र मिल सकेगा।
अभी तक एससी-एसटी वर्ग का प्रमाण पत्र केवल पिता के एससी-एसटी वर्ग के प्रमाण पत्र के आधार पर ही मिला करता था। इस वजह से 'सिंगल मदर्स' अपने बच्चों को यह अधिकार नहीं दिलवा पाती थीं। अगर वह ऐसा करने की पहल भी करती थीं तो उनको अपने ससुराल वालों के द्वारा उत्पीड़न सहना पड़ता था। इस सब की वजह ऐसे बच्चे अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रह जाते थे। इससे पहले कोर्ट ने भी माना की अगर बच्चे ने समाज का दुर्व्यवहार सहा है तो वह अपनी माता की जाति पर जाति प्रमाण पत्र बनवा सकता है।
आठ साल का संघर्ष चढ़ा परवान
गीता देवी एससी वर्ग की सिंगल मदर हैं। उन्होंने अपने बच्चे को एससी वर्ग का प्रमाण पत्र दिलवाने के लिए आठ वर्षों तक संघर्ष किया। उनके आवेदन को कई बार यह कहते हुए खारिज कर दिया जाता था कि बच्चे के पिता का एससी वर्ग का प्रमाण पत्र संलग्र नहीं है। गीता देवी का पुत्र दिल्ली में ऐसा पहला बच्चा है, जिसे एससी वर्ग का प्रमाण पत्र उसकी माता के एससी वर्ग के प्रमाण पत्र के आधार पर मिला है। एससी/एसटी वर्ग का प्रमाण पत्र देने के कानून की प्रक्रिया को संशोधित करने का सर्कुलर 20 जुलाई 2020 को दिल्ली के राजस्व मंत्री द्वारा नोटिफाई किया गया था।