फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Challenging separate pension rules for officers and airmen

अधिकारियों और वायुसैनिकों के लिए अलग-अलग पेंशन नियमों को चुनौती

Fri, 03 Dec 2021 12:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:13 AM IST
विज्ञापन
Challenging separate pension rules for officers and airmen
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने अधिकारियों और वायुसैनिकों के लिए अलग-अलग पेंशन नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और भारतीय वायुसेना से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने सभी पक्षों को तीन सप्ताह में पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 25 अप्रैल तय की है।
विज्ञापन

याचिका शिव नंद मिश्रा द्वारा दायर की गई है, जिन्हें अप्रैल 2017 में कोर्ट मार्शल द्वारा वायु सेना अधिनियम की धारा 40 (सी) और 41 के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। मिश्रा ने कहा कि उनकी बर्खास्तगी के बाद, उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी को रोक दिया गया। इसी कारण उसे याचिका दायर करनी पड़ी।
विज्ञापन

याचिका के अनुसार तय नियम बर्खास्त वायु सेना अधिकारियों के लिए पेंशन और ग्रेच्युटी की अनुमति देता है। वहीं रेलुलेशन 102 (ए) में सेवा से बर्खास्त किए गए एयरमैन की पिछली सभी सेवाओं के संबंध में पेंशन और ग्रेच्युटी को जब्त करने का प्रावधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि रेगुलेशन मनमाना है और संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 300 ए का उल्लंघन करता है। बर्खास्त/दोषी ठहराए गए कर्मचारियों की श्रेणी के भीतर अलग-अलग वर्ग नहीं हो सकते। रेगुलेशन 16 (ए) और 102 (ए) बर्खास्त कर्मियों के विभिन्न वर्ग बनाते हैं।
याचिका में कहा गया है कि बर्खास्त अधिकारी, उनके पति या पत्नी और बच्चों के प्रति अधिकारी कल्याणकारी रुख अपनाते हैं। वहीं, सेवा से बर्खास्त किए गए एयरमैन, उनके आश्रित जीवनसाथी और आश्रित बच्चों के प्रति बहुत कठोर अमानवीय रवैया अपना रहे हैं।

याचिका में आगे कहा गया है कि बर्खास्त किए गए कर्मियों की ग्रेच्युटी को जब्त करना उचित हो सकता है। ऐसे कर्मियों की पेंशन रोकना मनमाना है और यह दोहरे खतरे के बराबर है। किसी कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त करना अपने आप में कलंक है जिसे वह और उसके परिवार के सदस्य तब तक वहन करते हैं जब तक कि उसे रद्द नहीं किया जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed