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आर्थिक अपराध शाखा ने चेन्नई से किया गिरफ्तार, फर्जी कागजात के जरिए मां-बेटे का 283 लाख रुपये का लोन किया था स्वीकृत
Mon, 22 Feb 2021 05:52 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 22 Feb 2021 05:52 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी कागजात के जरिए लोन मुहैया करने के आरोप में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व एजीएम को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी पर इसी तरह के अन्य मामलों में शामिल होने की बात सामने आई है। उसके खिफ बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने भी फर्जीवाड़ा के तीन मामले दर्ज किए हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच में जुटी है।
शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक वी के चौहान ने वर्ष 2019 में शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की। जिसमें बताया कि वर्ष 2012 में दीपक मल्होत्रा और इंदूवाला ने राधिका इंटरनेशनल की ओर से सेंट्रल बैंक की आनंदपर्वत शाखा में 225 लाख रुपये लोन लेने का आवेदन किया था। इसके लिए उनलोगों ने करोलबाग के एक प्रॉपर्टी को गिरवी रखा था।
इसके बाद दीपक मल्होत्रा ने रुचि मल्होत्रा और इंदू बाला के साथ इसी ब्रांच ने मोर्टगेज स्कीम के तहत 58 लाख का लोन लिया। बैंक ने उन्हें लोन मुहैया कर दिया। किस्त नहीं चुकाए जाने पर बैंक ने आंतरिक जांच में दीपक मल्होत्रा और इंदूबाला के खाते की जांच की। जिसमें पता चला कि बैंक के पास जमा की गई बैलेंस शीट फर्जी है। साथ ही वह कोई व्यावसायिक गतिविधि भी नहीं कर रहे हैं। गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी भी इंदूबाला के नाम नहीं थी। इस तरह से बैंक को 283 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। बैंक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच में पुलिस को पता चला कि गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बैंक से लोन लेने से पहले ही दीपक की मां इंदूबाला ने कई लोगों को बेच चुकी थी। जांच में यह बात भी सामने आई कि बैलेंस शीट, अकाउंट स्टेटमेंट और वैट रिपोर्ट भी फर्जी है। साथ ही पता चला ऐसे कागजात कर्नाटक बैंक में भी गिरवी है। शाखा ने फर्जीवाड़ा का एक अन्य मामला दर्ज कर लिया। जांच में यह बात सामने आयी कि तत्कालीन मुख्य बैंक प्रबंधक ने उचित प्रक्रिया को अपनाए बिना लोन को मंजूरी दे दी।
आरोपी व्यक्ति बैंक अधिकारी था, जिसने जाली दस्तावेजों के आधार पर लोन स्वीकृत किया। उसने बैंक द्वारा दिए शक्ति का दूरुपयोग किया। जांच में पता चला कि लोन को तत्कालीन मैनेजर के कन्नदासन ने स्वीकृत किया था। उसके खिलाफ सीबीआई ने भी तीन फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज किया था। छानबीन करने के बाद 20 फरवरी को शाखा की टीम ने चेन्नई निवासी के कन्नदासन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक वी के चौहान ने वर्ष 2019 में शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की। जिसमें बताया कि वर्ष 2012 में दीपक मल्होत्रा और इंदूवाला ने राधिका इंटरनेशनल की ओर से सेंट्रल बैंक की आनंदपर्वत शाखा में 225 लाख रुपये लोन लेने का आवेदन किया था। इसके लिए उनलोगों ने करोलबाग के एक प्रॉपर्टी को गिरवी रखा था।
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इसके बाद दीपक मल्होत्रा ने रुचि मल्होत्रा और इंदू बाला के साथ इसी ब्रांच ने मोर्टगेज स्कीम के तहत 58 लाख का लोन लिया। बैंक ने उन्हें लोन मुहैया कर दिया। किस्त नहीं चुकाए जाने पर बैंक ने आंतरिक जांच में दीपक मल्होत्रा और इंदूबाला के खाते की जांच की। जिसमें पता चला कि बैंक के पास जमा की गई बैलेंस शीट फर्जी है। साथ ही वह कोई व्यावसायिक गतिविधि भी नहीं कर रहे हैं। गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी भी इंदूबाला के नाम नहीं थी। इस तरह से बैंक को 283 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। बैंक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच में पुलिस को पता चला कि गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बैंक से लोन लेने से पहले ही दीपक की मां इंदूबाला ने कई लोगों को बेच चुकी थी। जांच में यह बात भी सामने आई कि बैलेंस शीट, अकाउंट स्टेटमेंट और वैट रिपोर्ट भी फर्जी है। साथ ही पता चला ऐसे कागजात कर्नाटक बैंक में भी गिरवी है। शाखा ने फर्जीवाड़ा का एक अन्य मामला दर्ज कर लिया। जांच में यह बात सामने आयी कि तत्कालीन मुख्य बैंक प्रबंधक ने उचित प्रक्रिया को अपनाए बिना लोन को मंजूरी दे दी।
आरोपी व्यक्ति बैंक अधिकारी था, जिसने जाली दस्तावेजों के आधार पर लोन स्वीकृत किया। उसने बैंक द्वारा दिए शक्ति का दूरुपयोग किया। जांच में पता चला कि लोन को तत्कालीन मैनेजर के कन्नदासन ने स्वीकृत किया था। उसके खिलाफ सीबीआई ने भी तीन फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज किया था। छानबीन करने के बाद 20 फरवरी को शाखा की टीम ने चेन्नई निवासी के कन्नदासन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।