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Delhi: लद्दाख,जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 1 सितंबर से जनगणना, केन्द्र सरकार ने जारी की अधिसूचना
Tue, 04 Aug 2026 06:42 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 04 Aug 2026 06:42 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने सोमवार को लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गैर-समकालिक क्षेत्रों के लिए जनगणना की अधिसूचना जारी की है। इन विशेष क्षेत्रों में आबादी की गिनती का कार्य 1 से 30 सितंबर तक पूरा किया जाएगा।
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1 सितंबर से जनगणना, सरकार ने जारी किया शेड्यूल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार ने सोमवार को लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गैर-समकालिक क्षेत्रों के लिए जनगणना की अधिसूचना जारी की है। इन विशेष क्षेत्रों में आबादी की गिनती का कार्य 1 से 30 सितंबर तक पूरा किया जाएगा। यह स्वतंत्रता के बाद देश में होने वाली आठवीं जनगणना है, जिसे दो चरणों में संपन्न किया जा रहा है।
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जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि गिनती का मुख्य कार्य समाप्त होने के बाद 1 से 5 अक्तूबर तक पुनरीक्षण दौर चलेगा। इस जनगणना के लिए संदर्भ की तारीख 1 अक्तूबर 2026 की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है। देश के बाकी हिस्सों में जनगणना का दूसरा और व्यापक चरण अगले साल शुरू होने की संभावना है। यह प्रक्रिया पूरे देश की जनसंख्या का सटीक आकलन प्रस्तुत करेगी।
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जनगणना का कार्यक्रम और स्व-गणना विकल्प
घर-घर जाकर आबादी की गिनती शुरू होने से पहले नागरिकों को स्व-गणना का महत्वपूर्ण विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। यह सुविधा 17 से 31 अगस्त तक सक्रिय रहेगी, जिससे लोग अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। यह डिजिटल विकल्प जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुगम और कुशल बनाने में सहायक होगा। इससे आंकड़ों के संग्रह में भी तेजी आने की उम्मीद है।
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जातिगत विवरण का संग्रह और महत्व
इस बार की जनगणना में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया गया है। पहली बार इसमें जातिगत विवरण भी एकत्र किए जाएंगे। यह जानकारी सामाजिक और आर्थिक विकास से संबंधित नीतियों के निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी हो सकती है। इस कदम से विभिन्न समुदायों की वर्तमान स्थिति और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।