दिसंबर में शादी सीजन का धमाल: देश में 6.50 लाख करोड़ का होगा व्यापार, अकेले दिल्ली में होंगी 4.8 लाख शादियां
आगामी एक से 14 दिसंबर तक 46 लाख शादियों से देश में 6.5 लाख करोड़ का कारोबार होगा। अकेले दिल्ली में यह आंकड़ा 1.8 लाख करोड़ पार करेगा। कैट के अध्ययन में बताया गया कि भारत की वेडिंग इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है।
विस्तार
देशभर में आगामी शादी सीजन एक से 14 दिसंबर तक 46 लाख शादियां होने का अनुमान है। इससे 6.5 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होगा। शादियों से होने वाले कारोबार का आंकड़ा अकेले दिल्ली में 1.8 लाख करोड़ रुपये पार होने की उम्मीद है। यह आकलन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की अनुसंधान इकाई कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी ने जारी किया है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि यह अध्ययन देश के 75 प्रमुख शहरों में 15 से 25 अक्तूबर के बीच किया गया। अध्ययन के अनुसार भारत की वेडिंग इकॉनमी अब घरेलू व्यापार का एक प्रमुख स्तंभ बन चुकी है। यह परंपरा, आधुनिकता और आत्मनिर्भरता का संगम है। शादियों के सीजन में होने वाला कारोबार लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 मे देशभर में 5.90 लाख करोड़, 2023 मे 4.74 लाख करोड़ और 2022 में 3.75 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था।
दिल्ली में होंगी 4.8 लाख शादियां
अध्ययन के मुताबिक इस बार सिर्फ दिल्ली में 4.8 लाख शादियां होंगी। इससे 1.8 लाख करोड़ का व्यापार होगा। यहां आभूषण, फैशन और वेन्यू पर सबसे अधिक खर्च होगा। राजस्थान और गुजरात में डेस्टिनेशन वेडिंग्स का चलन बढ़ा है, जबकि उत्तर प्रदेश और पंजाब में पारंपरिक सजावट व कैटरिंग पर भारी खर्च देखा जा रहा है।
भारतीय उत्पादों का दबदबा
खंंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष 70 फीसदी से अधिक शादी-संबंधी सामान भारतीय निर्मित होंगे। कपड़े, आभूषण, सजावट, बर्तन, कैटरिंग आइटम आदि में मेड इन इंडिया ब्रांड्स का वर्चस्व रहेगा। कैट के वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स अभियान ने चीनी लाइटिंग, कृत्रिम सजावट और गिफ्ट जैसे आयातित उत्पादों की हिस्सेदारी को घटा दिया है।
75,000 करोड़ रुपये टैक्स राजस्व
खंडेलवाल ने बताया कि शादी सीजन से सरकार को लगभग 75,000 करोड़ टैक्स राजस्व (जीएसटी सहित) प्राप्त होने की संभावना है। वहीं, यह सीजन एक करोड़ से अधिक अस्थायी व अंशकालिक रोजगार सृजित करेगा, जिससे कैटरिंग, सजावट, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय शादी अब केवल सांस्कृतिक पर्व नहीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और उद्यमिता का इंजन बन चुकी है।
ये भी पढ़ें- दिल्ली दंगा केस: कोर्ट में उमर खालिद समेत पांच की जमानत पर पुलिस ने जताया विरोध, कहा- खेल रहे विक्टिम कार्ड