{"_id":"5f48094c8ebc3e4ad91c857f","slug":"bouncers-of-financers-had-misbehaved-with-father-son-trio-ashram-news-noi5324045169","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार-पांच दिन पहले पिता व दोनों भाइयों से बाउंसरों ने की थी बदसलूकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार-पांच दिन पहले पिता व दोनों भाइयों से बाउंसरों ने की थी बदसलूकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। चांदनी चौक के मालीवाड़ा में कर्ज के बोझ तले सराफ भाइयों की आत्महत्या के मामले में छानबीन के दौरान पता चला है कि चार-पांच दिन पूर्व फाइनेंसर के बाउंसरों ने उनके अलावा उनके पिता के से भी बदसलूकी की थी। इससे दोनों भाई काफी हताश थे।
वहीं दोनों भाइयों ने अपनी प्रॉपर्टी गिरवी रखकर एक सरकारी बैंक से करोड़ों रुपये ब्याज पर लिये हुए थे। नुकसान होने इन लोगों ने बाजार के ही एक अन्य फाइनेंसर से भी करोड़ों रुपये उधार लिए हुए थे। बैंक भी दोनों पर कर्ज चुकाने के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस आशंका जता रही है कि शायद इन्हीं वजहों से दोनों यह कदम उठाया। पुलिस परिजनों के बयान लेकर पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया अब तक की जांच में पता चला है कि दोनों भाईयों ने अपना रुपया सोने के वायदा कारोबार में लगाया हुआ था। उसमें भी उनको काफी नुकसान हुआ था। मार्केट के लोगों का कहना है कि दोनों के यहां आम लोगों का आना-जाना न के बराबर था। ऐसे में पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि दोनों वायदा कारोबार में फंसे हुए थे।
विज्ञापन
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक परिजन के अनुसार कर्ज से परेशान होकर 2005 में परिवार ने सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह बात सही है या नहीं। फिलहाल एक साथ दो भाइयों की मौत के बाद से परिजन काफी परेशान हैं। पुलिस परिजनों से ज्यादा पूछताछ नहीं कर पाई है। यह बातें दोनों रिश्तेदारों से ही पुलिस को पता चली हैं।
सूत्रों का कहना है कि तभी इनका छोटा भाई नामित गुप्ता अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर यहां से कालकाजी चला गया था। बुधवार को चांदनी चौक के मालीवाड़ा स्थित जेवरात के कारखाने में कर्जे से परेशान सराफ भाइयों अंकित (47) और अर्पित (42) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
विज्ञापन
वहीं दोनों भाइयों ने अपनी प्रॉपर्टी गिरवी रखकर एक सरकारी बैंक से करोड़ों रुपये ब्याज पर लिये हुए थे। नुकसान होने इन लोगों ने बाजार के ही एक अन्य फाइनेंसर से भी करोड़ों रुपये उधार लिए हुए थे। बैंक भी दोनों पर कर्ज चुकाने के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस आशंका जता रही है कि शायद इन्हीं वजहों से दोनों यह कदम उठाया। पुलिस परिजनों के बयान लेकर पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों ने बताया अब तक की जांच में पता चला है कि दोनों भाईयों ने अपना रुपया सोने के वायदा कारोबार में लगाया हुआ था। उसमें भी उनको काफी नुकसान हुआ था। मार्केट के लोगों का कहना है कि दोनों के यहां आम लोगों का आना-जाना न के बराबर था। ऐसे में पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि दोनों वायदा कारोबार में फंसे हुए थे।
विज्ञापन
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक परिजन के अनुसार कर्ज से परेशान होकर 2005 में परिवार ने सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह बात सही है या नहीं। फिलहाल एक साथ दो भाइयों की मौत के बाद से परिजन काफी परेशान हैं। पुलिस परिजनों से ज्यादा पूछताछ नहीं कर पाई है। यह बातें दोनों रिश्तेदारों से ही पुलिस को पता चली हैं।
सूत्रों का कहना है कि तभी इनका छोटा भाई नामित गुप्ता अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर यहां से कालकाजी चला गया था। बुधवार को चांदनी चौक के मालीवाड़ा स्थित जेवरात के कारखाने में कर्जे से परेशान सराफ भाइयों अंकित (47) और अर्पित (42) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।