दिल्ली : कपड़े हों या बर्गर, मेट्रो स्टेशन से निकलते ही तैयार मिलेगा ऑर्डर
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के साथ ई-कॉमर्स के क्षेत्र में उतरने की तैयारी में हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अब मेट्रो में सफर के दौरान खाली वक्त में भी अपने जरूरी काम कर सकेंगे। चाहे आप घर पहुंचने के लिए टैक्सी हो या रोजमर्रा के जरूरी सामान खरीदने के लिए मॉल्स और रिटेल स्टोर पर इंतजार नहीं करना होगा। दफ्तर से लौटकर आप अपने परिवार के साथ लजीज खाने का जायका भी ले सकते हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के साथ ई-कॉमर्स के क्षेत्र में उतरने की तैयारी में हैं। देश के अग्रणी रिटेल चेन, फूड स्टोर, हाइपर मार्ट, मॉल्स, परिवहन सुविधाओं को एकीकृत करने के लिए सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। एक और कदम बढ़ाते हुए दिल्ली मेट्रो सफर से इतर भी लोगों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
एक एकीकृत एप को अगले दो साल में लांच किया जाएगा। इससे एक ही एप पर हजारों सेवाएं जुड़ी होंगी।अगर सफर में गंतव्य तक पहुंचने में 45 मिनट का वक्त लगता है, तो 10-15 मिनट में अपने दफ्तर के जरूरी काम और एक-दो लोगों से मोबाइल पर बातचीत के बाद भी बचने वाले वक्त से अपने जरूरी कार्य पूरा कर सकते हैं। डीएमआरसी अपने यात्रियों को सफर के दौरान भी ई-शॉपिंग का मौका देने वाली है।
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह के मुताबिक, मेट्रो में सफर के दौरान अब कुछ स्टेशन पहले ही खाने-पीने के सामान या फिर पसंदीदा कपड़े खरीदने का ऑर्डर कर सकते हैं।
खास बात ये है कि स्टेशन से बाहर पहुंचने पर नियत समय पर आपका ऑर्डर तैैयार होगा। इसके अलावा ग्रॉसरी व अन्य सेवाएं भी मिलेंगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ सार्थक उपयोग भी हो सकेगा। दिल्ली मेट्रो रोजाना लाखों यात्रियों की संख्या को देखते हुए ई-कॉमर्स की दिशा में पहल की जा रही है।
डॉ. सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है ताकि आम लोगों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा। मौजूदा एप को अपग्रेड किया जाएगा। जाइका के सहयोग से इसे अगले दो वर्ष में पूरा किया जाएगा। इसके लिए सभी ई-कॉमर्स कंपनियां, रिटेल कंपनियों को एकीकृत किया जा रहा है।
अत्याधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगेंगे
दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तीन कॉरिडोर के स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। लिफ्ट में पहली बार सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, तो करीब 65 फीसदी एस्केलेटर देश में निर्मित होंगे।
सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने एक और कदम बढ़ाया है। इसके तहत मेट्रो फेज-4 के तीन कॉरिडोर पर लिफ्ट और एस्केलेटर के पट्टे और रखरखाव के लिए करार किया है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजना के लिए पीपीपी मॉडल को पहली बार अपनाया गया है। मेसर्स जॉनसन लिफ्ट्स, चेन्नई शुरू में इसके लिए पूरी लागत का वहन करेगी।
लिफ्ट और एस्केलेटर का डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति, स्थापना और परीक्षण के बाद 15 साल के लिए रखरखाव का जिम्मा होगा। लिफ्ट पूरी तरह से स्वदेशी होंगी जबकि पहली बार एस्केलेटर भी 65 फीसदी तक स्वदेशी होंगे। अब तक भारी शुल्क के साथ दूसरे देशों से एस्केलेटर आयात किए जा रहे थे।
फेज-4 के जनकपुरी (पश्चिम)-आरके आश्रम मार्ग, मजलिस पार्क-मौजपुर और तुगलकाबाद-एयरोसिटी के लिए तीनों कॉरिडोर के लिए 179 लिफ्ट और 323 एस्केलेटर खरीदने के लिए अनुबंध किया गया है। करीब 65 किलोमीटर में तीन कॉरिडोर पर 45 स्टेशन होंगे।
दो गुना यात्री हो सकेंगे लिफ्ट में सवार
यह लीज मॉडल फेज-4 के तहत चालू होने वाली लिफ्ट और एस्केलेटर की गुणवत्ता, दक्षता और क्षमता को भी बढ़ाएगा। भारत में पहली बार मेट्रो सिस्टम में एक समय में करीब 20 यात्रियों की क्षमता वाली लिफ्ट होंगी। मौजूदा लिफ्ट में 8-13 यात्रियों की वहन क्षमता वाली ही लिफ्ट हैं। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पहली बार फेज-4 के तहत लिफ्ट के अंदर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। चरण-4 के तहत तीन प्राथमिकता वाले गलियारों के लिए अत्याधुनिक, स्वदेशी लिफ्ट और एस्केलेटर की खरीद के लिए अनुबंध समझौते का आदान प्रदान के बीच किया गया।