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दिल्ली: केवीआईसी के ब्रांड नाम 'खादी' के अवैध इस्तेमाल पर रोक, कोर्ट ने कहा- नहीं चलाई जा सकती कोई भ्रामक गतिविधि 

Sat, 05 Jun 2021 10:20 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sat, 05 Jun 2021 10:20 PM IST
सार

केवीआईसी का आरोप है कि नोएडा स्थित खादी डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (केडीसीआई) और मिस इंडिया खादी फाउंडेशन (एमआईकेएफ) जैसे निजी संस्थानों ने उनके ब्रांड नाम 'खादी' का अवैध रूप से इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया है।

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Ban on illegal use of KVIC brand name Khadi high court said no deceptive activity can be carried out
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के ब्रांड नाम 'खादी' के अवैध रूप से इस्तेमाल कर सौंदर्य प्रतियोगिता और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि खादी के नाम पर कोई भ्रामक गतिविधि नहीं चलाई जा सकती।

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केवीआईसी का आरोप है कि नोएडा स्थित खादी डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (केडीसीआई) और मिस इंडिया खादी फाउंडेशन (एमआईकेएफ) जैसे निजी संस्थानों ने उनके ब्रांड नाम 'खादी' का अवैध रूप से इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया है।
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न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने केवीआईसी की याचिका पर एक पक्षीय आदेश में कहा कि दोनों संस्थाओं के नाम केवीआईसी के ट्रेडमार्क 'खादी' के लिए भ्रामक ढंग से समान है, इसलिए यह ट्रेडमार्क के उल्लंघन का मामला है।
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अदालत ने बचाव पक्ष खादी डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (केडीसीआई) और मिस इंडिया खादी फाउंडेशन (एमआईकेएफ) तथा इसके स्वयंभू मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकुश अनामी को आदेश दिया कि वे सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर संस्था के सभी अकाउंट से खादी नाम हटाएं।

अदालत ने अनामी को दोनों संस्थाओं की वेबसाइट से ऐसी सामग्री को भी हटाने के निर्देश दिए जो केवीआईसी की वेबसाइट से मिलती-जुलती है। खादी डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (केडीसीआई) पर आरोप है कि वह फैशन डिजाइनरों को खादी प्रमाणपत्र देने की ऐवज में उनसे प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये वसूल रहा था। केडीसीआई पर यह भी आरोप है कि उसने केवीआईसी के प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से भी जुड़े होने का दावा किया था।

अदालत ने केवीआईसी की दलील पर संज्ञान लेते हुए ने कहा कि प्रथम दृष्टया वादी केवीआईसी ने अपने पक्ष में मामला साबित किया है। इसके कारण वादी को अपूरणीय क्षति हुई है। अगले आदेश तक दूसरे पक्ष को ट्रेडमार्क 'खादी' के तहत निर्माण, विज्ञापन या किसी भी प्रकार की वस्तुओं या सेवाओं को प्रदान करने से प्रतिबंधित किया जाता है। इसके अलावा उसे सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर संस्था के सभी अकाउंट से खादी नाम हटाने के भी निर्देश दिए जाते हैं। 

अदातल ने साथ ही उसे वेबसाइट से ऐसी सामग्री को भी हटाने के निर्देश दिए हैं जो केवीआईसी की वेबसाइट से मिलती-जुलती है। गौरतलब है कि इस वर्ष मार्च में दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक संस्था को अपने उत्पाद बेचने के लिए खादी नाम और चर्खा के प्रतीक का इस्तेमाल करने से रोका था।

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