फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   anti Covid drug 2dg powder makes lungs strong Corona patients seem to be healthy in three days

2-डीजी: फेफड़े का संक्रमण ठीक करने में मददगार है डीआरडीओ की यह दवा, तीन दिन में स्वस्थ होने लगते हैं मरीज

Tue, 11 May 2021 10:08 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 11 May 2021 10:08 AM IST
सार

दवा के तीसरे चरण के परीक्षणों में वैज्ञानिकों ने पाया कि इसका इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार करने में काफी कारगर हो सकता है। 

विज्ञापन
anti Covid drug 2dg powder makes lungs strong Corona patients seem to be healthy in three days
2 -डीजी दवा - फोटो : social media

विस्तार

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। फरवरी से भारत में आई वायरस की दूसरी लहर में संक्रमितों के साथ मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच शनिवार को कोरोना संक्रमितों के लिए एक बेहद राहत वाली खबर आई है। ड्रग्स कंट्रोलर ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा बनाई कोरोना की एक दवा को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। परीक्षणों में विशेषज्ञों को इस दवा के प्रयोग के सफल परिणाम देखने को मिले हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन


यह दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है, इसे पानी में घोलकर पीना होता है। इस दवा को डीआरडीओ की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला नामिकीय औषिध तथा संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद के डॉ.रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर विकसित किया है। इस संबंध में जारी एक बयान के मुताबिक पिछले साल शुरुआत में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तैयारियां करने का आह्वान किया गया, जिसके बाद डीआरडीओ ने इस दवा पर काम शुरू किया था।
विज्ञापन


संकट के समय में वरदान मानी जा रही इस दवा को तैयार करने के पीछे तीन वैज्ञानिकों का दिमाग रहा है। ये हैं डॉ. सुधीर चांदना, डॉ. अनंत नारायण भट्ट और डॉ. अनिल मिश्रा। वरिष्ठ विज्ञानी डा. सुधीर चांदना और डॉ. अनंत भट्ट ने कहा है कि 2-डीजी दवा कोरोना मरीजों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है। चांदना ने कहा, दो चरणों में किए गए अपने शोध में हमने पाया कि यदि 2-डीजी ड्रग सामान्य दवाओं के साथ मरीजों को दी जाती है, तो ऐसे में मरीज को इस दवा का 30 फीसदी अधिक लाभ पहुंचेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी मदद से कोरोना मरीज दो से तीन दिन में ही स्वस्थ होने लगते हैं। कोरोना वायरस के हमले से कमजोर हुए फेफड़े को यह दवा मजबूत करने में मदद करती है। उन्होंने कहा, इस दवा का उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है और हर राज्य में संभवत इसकी सप्लाई भी की जाएगी।

परीक्षणों में दिखे बेहतर परिणाम

दवा के तीसरे चरण के परीक्षणों में वैज्ञानिकों ने पाया कि इसका इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार करने में काफी कारगर हो सकता है। इसके अलावा यह गंभीर मरीजों की मेडिकल ऑक्सीजन पर निर्भरता को भी कम करने में भी सहायक है। महामारी के खिलाफ तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर डीआरडीओ ने अप्रैल 2020 में इस दवा को विकसित करने की पहल शुरू की थी।

वायरस को बढ़ने से रोकती है दवा
इनमास ने हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) की मदद से यह प्रयोग शुरू किया था। विशेषज्ञों ने पाया कि यह दवा सार्स-सीओवी-2 वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करने के साथ वायरस को शरीर में बढ़ने से रोकने में काफी मददगार साबित हो सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed