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अकबर ने कहा यह यौन उत्पीड़न का नहीं बल्कि मानहानि का मामला
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नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने मानहानि मामले में तर्क रखा कि यह मामला यौन उत्पीड़न का नहीं बल्कि उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ा है। वर्तमान में अदालत को मात्र इस बात पर विचार करना है कि महिला पत्रकार के ट्वीट से उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई है या नहीं। अकबर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल पर आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार ने कल तक अकबर को अपना ‘प्रोफेशनल हीरो’ बताया था। मामले की अगली सुनवाई 24 दिसंबर को होगी।
राउज एवेन्यू अदालत के अतिरिक्त मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रविन्द्र कुमार पांडेय के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा ने जोर देकर कहा, ये यौन उत्पीड़न का मामला नहीं है। उन्होंने कहा वे समझौते की बात कर रही है, यह कहना आसान है जबकि मामला मानहानि का है। उन्होंने कहा आरोपी के यह कहने कि यह ‘मेरी सच्चाई है तो यह सच नहीं बन जाता।’ लूथरा ने कहा आरोपी का सच्चाई कोई संबंध नहीं है।
लूथरा ने दलील दी कि यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली अन्य महिलाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई न करना मौजूदा कार्यवाही में कानूनी बचाव नहीं हो सकता। उसने बताया कि आरोपी द्वारा बताई गई किसी भी महिला ने भी एमजे अकबर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकार द्वारा उनके मुवक्किल पर कोर्ट में धोखाधड़ी का आरोप लगाना भी एक और मानहानि का मामला हो सकता है। उन्होंने कहा वे सम्मानित व्यक्ति हैं और इसी कारण वे संसद सदस्य बने।
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अकबर की कोई प्रतिष्ठा नहीं होने के दावे का खंडन करते हुए लूथरा ने कहा महिला पत्रकार ने खुद अकबर को अपना ‘प्रोफेशनल हीरो’ बताया था। वे किस आधार पर कह रही हैं कि अकबर की कोई प्रतिष्ठा नहीं थी। एक व्यक्ति का बेदाग नाम उन्हें पेशेवर नायक बनाता है। उन्होंने प्रतिष्ठा वर्षों की कड़ी मेहनत से अर्जित की है। पत्रकारिता की भी जिम्मेदारी होती है आरोपी को सोशल मीडिया में आरोप लगाने की अपेक्षा अदालत में आना चाहिए था।
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राउज एवेन्यू अदालत के अतिरिक्त मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रविन्द्र कुमार पांडेय के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा ने जोर देकर कहा, ये यौन उत्पीड़न का मामला नहीं है। उन्होंने कहा वे समझौते की बात कर रही है, यह कहना आसान है जबकि मामला मानहानि का है। उन्होंने कहा आरोपी के यह कहने कि यह ‘मेरी सच्चाई है तो यह सच नहीं बन जाता।’ लूथरा ने कहा आरोपी का सच्चाई कोई संबंध नहीं है।
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लूथरा ने दलील दी कि यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली अन्य महिलाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई न करना मौजूदा कार्यवाही में कानूनी बचाव नहीं हो सकता। उसने बताया कि आरोपी द्वारा बताई गई किसी भी महिला ने भी एमजे अकबर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकार द्वारा उनके मुवक्किल पर कोर्ट में धोखाधड़ी का आरोप लगाना भी एक और मानहानि का मामला हो सकता है। उन्होंने कहा वे सम्मानित व्यक्ति हैं और इसी कारण वे संसद सदस्य बने।
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अकबर की कोई प्रतिष्ठा नहीं होने के दावे का खंडन करते हुए लूथरा ने कहा महिला पत्रकार ने खुद अकबर को अपना ‘प्रोफेशनल हीरो’ बताया था। वे किस आधार पर कह रही हैं कि अकबर की कोई प्रतिष्ठा नहीं थी। एक व्यक्ति का बेदाग नाम उन्हें पेशेवर नायक बनाता है। उन्होंने प्रतिष्ठा वर्षों की कड़ी मेहनत से अर्जित की है। पत्रकारिता की भी जिम्मेदारी होती है आरोपी को सोशल मीडिया में आरोप लगाने की अपेक्षा अदालत में आना चाहिए था।