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स्वास्थ्य कर्मियों की मानसिक स्थिति का आकलन करेगा एम्स, सहमति के आधार पर होगी जांच

Fri, 24 Jul 2020 05:39 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Fri, 24 Jul 2020 05:39 AM IST
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AIIMS will assess the mental status of health workers
aiims - फोटो : file photo

एम्स अस्पताल दिल्ली के सभी स्वास्थ्यकर्मियों की मनोस्थिति का आकलन करने जा रहा है। एक सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कोरोना संक्रमण के समय में राजधानी के अस्पतालों में काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारी किस प्रकार की परेशानियों से ग्रस्त हैं।

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कोरोना वायरस के संक्रमण को करीब छह महीने हो गए हैं। लोगों का शारीरिक रूप से परेशान करने के साथ-साथ यह वायरस मानसिक तनाव का कारण भी बन रहा है। इससे कई परेशानियां खड़ी हो रही हैं। राजधानी के अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी भी मानसिक तनाव में तो नहीं हैं, यह जानने के लिए एम्स अस्पताल सर्वे करेगा, जिससे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ के तौर पर काम कर रहे लोगों की मनोदशा का पता लगाया जाएगा।
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परेशानी है तो होगी काउंसलिंग
एम्स अस्पताल के मनोरोग विभाग के मुताबिक, दिल्ली के सभी अस्पतालों में यह सर्वे होगा। इससे स्वास्थ्य कर्मियों की मनोदशा का पता लगाया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी अपनी सहमति से इस सर्वे में शामिल हो सकता है। सहमति मिलने के बाद ही उन्हें एक फार्म दिया जाएगा।
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इसमें मनोस्थिति के विषय में कुछ सवाल होंगे। इन सवालों के जवाबों की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाएगी कि कितने लोग इस समस्या से परेशान है। इन सभी की एक सूची तैयारी होगी। इसके बाद काउंसलिंग के माध्यम से परेशानी का समाधान निकला जाएगा।


देखा गया है कि आम लोगों के साथ-साथ कुछ डॉक्टरों के सामने भी मानसिक परेशानियां आ रही हैं। भविष्य की चिंता और लोगों का इलाज करते समय संक्रमण फैलने का डर इसकी अहम वजह है। सर्वे से यह पता लगाने में आसानी होगी कि किन स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार में बीते पांच से छह महीनों में परिवर्तन आया है। साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि कहीं वह अवसाद के शिकार तो नहीं हो रहे हैं।
-डॉ. श्रीनिवास, मनोरोग विभाग एम्स

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