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Budget 2023 : दिल्ली-एनसीआर में कृषि को बढ़ावा मिलेगा, कई योजनाओं से लाभ की संभावना, कुछ उम्मीदें भी टूटीं

Thu, 02 Feb 2023 03:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 02 Feb 2023 03:54 AM IST
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Agriculture will get a boost in Delhi-NCR
सांकेतिक तस्वीर...

केंद्र सरकार का बजट दिल्ली-एनसीआर की खेती-किसानी को बढ़ावा देगा। बजट किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ चुनौतियों से लड़ने में मदद करेगा। किसानों के लिए व्यवसाय के नए रास्ते भी खुलेंगे। हालांकि, किसानों की किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी और फसल खरीद के दामों में बढ़ोतरी की मंशा पूरी नहीं हुई। किसानों को इन दोनों मामलों में बढ़ोतरी की उम्मीद थी।

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कृषि वैज्ञानिकों व किसान संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से बजट में कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई घोषणाओं से दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के किसानों की कृषि के प्रति रूचि बढ़ेगी। इसके अलावा वे एक बार फिर कृषि को जीविका का मुख्य साधन भी बना सकते हैं।
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कृषि वैज्ञानिक डाॅ. जयप्रकाश सिंह के अनुसार केंद्र सरकार ने मोटे अनाज आधारित खेती को प्रोत्साहन देते हुए श्री अन्न योजना लाकर किसानों के लिए एक नया व्यावसायिक क्षेत्र खोला है। हालांकि, इस योजना को बढ़ावा देने के लिए प्रचार प्रसार की आवश्यकता है। वहीं किसानों को इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए इस अनाज की खरीद सुनिश्चित करना बहुत भी जरूरी है। केंद्र सरकार की वैकल्पिक खादों को बढ़ावा देना की योजना भी किसानों के लिए लाभदायक हो सकती है। 
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किसान संगठन के पदाधिकारी थान सिंह यादव ने कहा कि इस योजना से आम लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से भी निजात मिल सकती है, क्योंकि रासायनिक खाद के इस्तेमाल से सब्जी व अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसके अलावा बागवानी को बढ़ावा देने का किसानों के लिए अच्छा कदम है। केंद्र सरकार के कृषि के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा स्टार्टअप शुरू करवाने के लिए डिजिटल एक्सीलेटर फंड बनाने के निर्णय से किसानों को चुनौतियों का सामना करने में आसानी होगी।

सान नेता मलखान सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत सरकार का किसानों की मदद करने का निर्णय लेना अच्छा कदम है। वहीं, 20 लाख करोड़ तक किसानों को क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण देने के कदम से भी उनको फसल उगाने में मदद मिलेगी। इसी तरह किसान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म तैयार होने पर किसान अपनी जरूरत से जुड़ी सारी जानकारी हासिल कर सकेंगे।

60 हजार से अधिक एकड़ में होती है कृषि
राजधानी में भले ही कृषि भूमि कम होती जा रही है, लेकिन अब भी दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम, उत्तर पश्चिम और उत्तर पूर्व दिल्ली के गांवों में बड़े पैमाने पर कृषि कार्य होता है। सौ से अधिक गांवों में हजारों किसान करीब 60 हजार एकड़ में कृषि करते हैं। किसान ज्वार, बाजरा, मक्का, धान, हरड़, गेंहू, जौ, सरसों, कपास के अलावा विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाते हैं। 

बजट में किसानों को धोखा मिला : सोलंकी
पालम 360 खाप के प्रधान चौ. सुरेंद्र सोलंकी ने केंद्र सरकार के बजट को किसानों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो एमएसपी गारंटी देने पर बात हुई व न खेती में इस्तेमाल आने वाले उपकरणों पर जीएसटी कम किया गया। डीजल और खाद पर लगने वाले टैक्स में भी कोई कटौती नहीं की गई।


इससे देश के गांव, खेत, खलिहान और किसान को निराशा ही हाथ लगी है, जबकि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट ही कहती है कि किसानों की आय 1.5 प्रतिशत कम हुई है। एनसीआरबी के आंकड़े भी बताते है कि किसान और मजदूर खुदकुशी करने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक ही देश के हर किसान परिवार पर लगभग 75000 हजार रुपये का कर्ज है। ऐसे में देश के किसानों को इस बजट में कोई राहत नहीं देना हैरान करने वाला है। 

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