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डीसीपी का तुगलकी फरमान: मीटिंग में शामिल नहीं होने पर महिला समेत चार एसआई को सुनाई सजा, पढ़ें क्या है पूरा मामला
Thu, 04 Nov 2021 12:50 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 04 Nov 2021 12:50 AM IST
सार
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने मीटिंग में शामिल नहीं होने पर महिला समेत चार एसआई को सजा सुनाई है। महिला एसआई को निलंबित किया गया है। एक एसआई लाइन हाजिर किया गया है। दो को दूसरे थाने में ट्रांसफर किया गया।
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फाइल फोटो
विस्तार
महज मीटिंग में शामिल नहीं होने पर दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन ने तुगलकी फरमान सुना डाला। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने कई सब-इंस्पेक्टर को खरी खोटी सुनाई। वहीं महिला समेत चार सब-इंस्पेक्टर को सजा सुना दी। हाल ही में ट्रेनिंग खत्म दिल्ली पुलिस में शामिल हुई महिला एसआई को निलंबित कर दिया।
मीटिंग का समय बार-बार आगे बढ़ाया जा रहा था। इस वजह से एसआई में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का ये तुगलकी फरमान जिले में जोरों से चर्चा का विषय बना हुआ है।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले के अतिरिक्त पुलिस पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन ने हौजखास थाने में तैनात सभी सब-इंस्पेक्टर की सोमवार को एनसीआरबी की मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग का समय दोपहर 12 बजे रखा गया था। बाद में मीटिंग को 12 बजे रद्द कर समय को आगे बढ़ा दिया गया।
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इसके बाद मीटिंग का समय कई बार आगे बढ़ाया गया। आखिरकार मीटिंग शाम पांच बजे रखी गई। इस मीटिंग में हौजखास थाने में तैनात एसआई तालिब खान, एसआई जितेन्द्र, महिला पीएसआई अर्चना और अमरेंद्र धनकर समेत कई एसआई सरकारी कार्य व व्यक्तिगत कारणों से मीटिंग में नहीं हो पाए। एसआई के मीटिंग में न आने के कारण अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आग बबूला हो गए।
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मीटिंग का समय बार-बार आगे बढ़ाया जा रहा था। इस वजह से एसआई में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का ये तुगलकी फरमान जिले में जोरों से चर्चा का विषय बना हुआ है।
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दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले के अतिरिक्त पुलिस पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन ने हौजखास थाने में तैनात सभी सब-इंस्पेक्टर की सोमवार को एनसीआरबी की मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग का समय दोपहर 12 बजे रखा गया था। बाद में मीटिंग को 12 बजे रद्द कर समय को आगे बढ़ा दिया गया।
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इसके बाद मीटिंग का समय कई बार आगे बढ़ाया गया। आखिरकार मीटिंग शाम पांच बजे रखी गई। इस मीटिंग में हौजखास थाने में तैनात एसआई तालिब खान, एसआई जितेन्द्र, महिला पीएसआई अर्चना और अमरेंद्र धनकर समेत कई एसआई सरकारी कार्य व व्यक्तिगत कारणों से मीटिंग में नहीं हो पाए। एसआई के मीटिंग में न आने के कारण अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आग बबूला हो गए।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने महिला पीएसआई अर्चना को निलंबित करने का रात में ही आदेश सुना डाला। एसआई जितेंद्र को लाइन हाजिर कर दिया। एसआई ताबिल खान का संगम विहार व अमरेंद्र धनकर का तिगड़ी थाने में ट्रांसफर कर दिया। बताया जा रहा है कि मीटिंग में शामिल नहीं होने वाले कई एसआई को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने काफी खरी-खोटी सुनाई।
कुछ एसआई पर उन्होंने रहम भी दिखाया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के इस फरमान से जिले के एसआई में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन को उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया। मैसेज भी भेजे गए। उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही किसी मैसेज का जवाब दिया।
कुछ एसआई पर उन्होंने रहम भी दिखाया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के इस फरमान से जिले के एसआई में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन को उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया। मैसेज भी भेजे गए। उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही किसी मैसेज का जवाब दिया।