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Inspiration : मणिपुर से 2612 किमी साइकिल चलाकर दिल्ली पहुंचा आरव, देश के सामने पेश की मिसाल
Sat, 28 May 2022 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 28 May 2022 05:56 AM IST
सार
10 वर्ष के बच्चे ने आईएनए मेमोरियल मोइरंग से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक दिल्ली तक का किया सफर। मूलरूप से हरियाणा के रोहतक जिले के ग्राम कंसाला निवासी आरव दिल्ली के रोहिणी में स्थित द हेरिटेज स्कूल में छठी कक्षा के छात्र हैं।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
आजकल के अधिकतर बच्चे जहां अपनी पढ़ाई, लिखाई और गैजेट्स की दुनिया से बाहर नहीं देखना चाहते, वहीं 10 साल के आरव भारद्वाज ने ऐसी मिसाल पेश की है जिससे देश के करोड़ों बच्चे प्रेरणा ले सकते हैं।
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आरव ने देश की आजादी के 75 साल का जश्न मनाने और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में मणिपुर से दिल्ली तक करीब 2612 किमी की दूरी साइकिल से तय की है। लगातार 32 दिनों तक साइकिल चलाकर वह आईएनए मेमोरियल मोइरंग मणिपुर से दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे हैं।
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मूलरूप से हरियाणा के रोहतक जिले के ग्राम कंसाला निवासी आरव दिल्ली के रोहिणी में स्थित द हेरिटेज स्कूल में छठी कक्षा के छात्र हैं। आरव के पिता डॉ. अतुल भारद्वाज दिल्ली में स्पाइन और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन हैं। उनकी मां डॉ. स्वाति भारद्वाज नेफ्रोलॉजिस्ट हैं।
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आरव के साथ उनके पिता भी पूरे रास्ते साइकिल चलाकर उनके साथ थे। उनके दादा बॉम्बे हाईकोर्ट में वकील हैं, जो अपने बेटे और पोते द्वारा के संयुक्त मिशन से खुश हैं। आरव ने पिता के साथ आठ राज्यों से होकर मैराथन साइकिल यात्रा की है। जिसे मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 14 अप्रैल को विष्णुपुर में स्थित आईएनए युद्ध स्मारक, मोइरंग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
अहम है कि वर्ष 1944 में इसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आईएनए ने ब्रिटिश सेना को हराकर तिरंगा फहराया था। आरव ने 23 जनवरी 2022 को टेलीविजन पर नेताजी की 125वीं जयंती पर सुभाष चंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा के अनावरण का प्रसारण देखा था।